- मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटवाना दुर्भाग्यपूर्ण, मुख्यमंत्री को करना चाहिए पश्चाताप
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बिहार में मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब हटवाने के विवाद को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने इस घटना को न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि महिला सम्मान और संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ बताया। मायावती ने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री के स्तर से तुरंत सुलझाया जाना चाहिए था, लेकिन मंत्रियों की बयानबाजी ने विवाद को और बढ़ा दिया है।
मायावती ने शनिवार को जारी अपने बयान में कहा कि डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र देने जैसे गरिमापूर्ण कार्यक्रम में किसी महिला की धार्मिक पहचान पर हस्तक्षेप करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस पूरे प्रकरण पर पश्चाताप करते हुए मामले को समाप्त करना चाहिए, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।
बसपा प्रमुख ने इसे महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि देश का संविधान हर नागरिक को अपने धर्म और आस्था के अनुसार जीवन जीने की आज़ादी देता है। किसी महिला को सार्वजनिक मंच पर हिजाब हटाने के लिए मजबूर करना निंदनीय है और इससे सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचती है।
बहराइच पुलिस परेड प्रकरण पर सवाल
मायावती ने उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में पुलिस परेड के दौरान एक कथावाचक को सलामी दिए जाने के मामले पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पुलिस परेड की एक निश्चित परंपरा और अनुशासन होता है, जिससे किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाना चाहिए। बसपा प्रमुख ने इस मामले में डीजीपी से संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई की मांग की।
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शीतकालीन सत्र को बताया जनहित से भटका
इसके साथ ही मायावती ने उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की खाद की किल्लत, महंगाई और बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए थी, लेकिन सत्र जनहित के सवालों से भटक गया।
उन्होंने संसद के शीतकालीन सत्र में वायु प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा न होने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही बांग्लादेश में बढ़ती भारत विरोधी गतिविधियों पर केंद्र सरकार से स्पष्ट और दीर्घकालिक नीति अपनाने की मांग की।
