देश की जल समस्याओं के समाधान में NIH की भूमिका महत्वपूर्ण: डोभाल

Untitled 11 copy 10

रुड़की। जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (एनआईएच), रुड़की ने अपना 48वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया। संस्थान की स्थापना 1978 को एक स्वायत्त संस्था के रूप में की गई थी, जिसे वर्ष 1987 में भारत सरकार द्वारा विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी संगठन का दर्जा प्रदान किया गया। स्थापना दिवस के अवसर पर उ‌द्घाटन समारोह, विचार-मंथन सत्र, प्रेरक वार्ताएं तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। उ‌द्घाटन सत्र में संस्थान द्वारा अब तक किए गए महत्वपूर्ण शोध कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया।

इस अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित ‘NIH-धारा’ (डिज़ाइन हाइड्रोलॉजी एंड एडवांस्ड रेनफॉल एनालिसिस) सॉफ्टवेयर का भी विमोचन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति एवं उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी परिषद के पूर्व महानिदेशक डॉ. राजेंद्र डोभाल ने संबोधन में कहा कि देश में संस्थागत विखंडन की स्थिति यह है कि कई संस्थान विविध विषयों और अनेक एजेंडों पर कार्यरत हैं, जबकि राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान एकमात्र ऐसा संस्थान है, जो पूरी तरह एक ही एजेंडा, अर्थात जल, पर केंद्रित होकर कार्य करता है। उन्होंने कहा कि देश की जल समस्याओं के समाधान में एनआईएच के वैज्ञानिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डॉ. डोभाल ने जल और मानव स्वास्थ्य के गहरे संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अधिकांश बीमारियां जलजनित होती हैं, इसलिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नवीन तकनीकों का विकास आवश्यक है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण वर्षा पैटर्न में हो रहे बदलाव तथा तेजी से पिघलते ग्लेशियरों के जलवैज्ञानिक तंत्र पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तृत शोध करने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. वाई. आर. एस. राव ने जलविज्ञान परिवार के सभी सदस्यों को 48वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संस्थान में पूर्व में कार्यरत वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों के कारण ही आज संस्थान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर सका है। डॉ. राव ने कहा कि संस्थान के वैज्ञानिक पूरी निष्ठा से कार्य करते हुए जल शक्ति मंत्रालय द्वारा सौंपे गए दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।

Spread the love

New Delhi
homeslider National

रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा विदेशी मुद्रा भंडार, विदेश मंत्रालय ने जताई खुशी

New Delhi: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए आर्थिक मोर्चे से बड़ी खबर सामने आई है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14.1 अरब डॉलर बढ़कर 707 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह चालू वित्त वर्ष में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। […]

Spread the love
Read More
New Delhi
Delhi homeslider

कॉकरोच प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, हाईलेवल पैनल से होगी जांच; CCTV फुटेज भी होगी शामिल

New Delhi: जंतर-मंतर पर पिछले महीने हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़े पुलिस कार्रवाई के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाया। अदालत ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच के लिए एक हाईलेवल समिति गठित करने का फैसला किया है। इस समिति में सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश, […]

Spread the love
Read More
New Delhi
Health homeslider

जेपी नड्डा की हालत स्थिर, AIIMS में हुई एंजियोप्लास्टी; कार्डियोलॉजी विभाग में निगरानी जारी

New Delhi:  केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा की तबीयत को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में 17 अगस्त 2026 को उनकी एंजियोप्लास्टी की गई। अस्पताल की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और डॉक्टरों की निगरानी में रखा […]

Spread the love
Read More