नई दिल्ली। प्रसिद्ध पंजाबी गायक सरदूल सिकंदर अब हमारे बीच नहीं रहे। बुधवार सुबह मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में 60 वर्षीय सरदूल ने अंतिम सांस ली। लंबी बीमारी से जूझ रहे सरदूल को पिछले महीने किडनी की गंभीर समस्या के चलते भर्ती कराया गया था। सफल किडनी ट्रांसप्लांट के बावजूद वे कोविड-19 की चपेट में आ गए, जिससे उनकी हालत तेजी से बिगड़ी।
सरदूल सिकंदर के निधन से पंजाबी संगीत जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके चाहने वाले सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनकी गायिका पत्नी अमर नूरी और दोनों बेटे सारंग सिकंदर व अलाप सिकंदर गहरे शोक में हैं।
संगीत करियर की शुरुआत 1980 में एल्बम “रोडवेज दी लारी” से करने वाले सरदूल ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 1991 में आई एल्बम “हुस्ना दे मल्को” ने उन्हें वैश्विक स्तर पर मशहूर कर दिया था, जिसकी 51 लाख से ज्यादा प्रतियां बिकीं। इसके अलावा उन्होंने दर्जनों सुपरहिट गाने दिए और “जग्गा डाकू” जैसी पंजाबी फिल्मों में अभिनय भी किया। पंजाबी लोक और पॉप संगीत के इस बेमिसाल फनकार को विनम्र श्रद्धांजलि।
