- “पीडीए वोटरों के नाम काटने की साजिश, SIR तुरंत रोको, नहीं तो सड़क पर उतरेंगे!”
लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर जोरदार हमला बोला। X पोस्ट और प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटवा रही है। उन्होंने मांग की कि SIR प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और पारदर्शी जांच कराई जाए।
अखिलेश ने चार सख्त मांगें रखीं:
- यूपी में अब तक कितने प्रतिशत SIR पूरा हुआ, इसका डेटा आज ही सार्वजनिक किया जाए।
- BLO पर “जानलेवा दबाव” हटे, अतिरिक्त अधिकारी लगाए जाएं।
- सत्ताधारी दल और उनके सहयोगी “पिछले दरवाजे” से इस प्रक्रिया में शामिल न हों।
- हर विधानसभा में PDA समाज के कितने वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं, इसकी गहन जांच हो।
अखिलेश ने फतेहपुर के एक सुपरवाइजर की आत्महत्या का मामला उठाया। उन्होंने कहा, “परिवार ने बताया कि SIR जल्दी पूरा करने का भयंकर दबाव था। नतीजा – एक जिंदगी चली गई। इतनी जल्दबाजी क्यों? पश्चिम बंगाल में भी लोग यही कह रहे हैं। चुनाव आयोग के हाथ खून से सने हैं या नहीं, जनता देख रही है।” सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले PDA वोट बैंक को कमजोर करना चाहती है। “लोकतंत्र की हत्या हो रही है।
अगर SIR नहीं रुका तो हम सड़क पर उतरेंगे।” सपा ने पूरे प्रदेश में “Save Democracy – Save Voter List” अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।
चुनाव आयोग ने अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि 12 राज्यों में चल रहे SIR के दूसरे चरण में यूपी में सबसे ज्यादा शिकायतें आई हैं। अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अखिलेश ने PDA कार्ड खेलकर 2027 की तैयारी शुरू कर दी है। अगर यह मुद्दा जोर पकड़ता है तो भाजपा के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है।
