हिड़मा ने कहा था: मैं आख़िरी सांस तक लडूंगा, चाहे मैं अकेला ही क्यूं न रह जाऊं,

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  • एक हजार नक्सलियों के साथ घेर कर की थी जवानों की हत्या
  • मारा गया 76 जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड नक्सली माड़वी हिड़मा

 रंजन कुमार सिंह

 रांची/रायपुर। देश में नक्सलवाद के खात्मे के लिए चलाए गए ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। कुख्यात नक्सली माड़वी हिड़मा को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है। हिड़मा के अलावा पाँच अन्य नक्सलियों को भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया है।

जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के सुकमा से सटे आंध्र प्रदेश के अल्लुरी सीताराम जिले के पास सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही थी। कई घंटों की फायरिंग के बाद एनकाउंटर में छह नक्सली ढेर कर दिए गए हैं। नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग अभी भी जारी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह एनकाउंटर आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर हुआ है। पुलिस को इन जंगलों में कई नक्सलियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। मुखबिरी के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आज मंगलवार सुबह से ही सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच फायरिंग चल रही है। इस दौरान पुलिस ने सुकमा में भी 1 नक्सली को मार गिराया है। वहीं, आंध्र प्रदेश में हिड़मा समेत छह नक्सलियों का एनकाउंटर किया गया है।

 

बता दें कि माड़वी हिड़मा को सबसे खूंखार नक्सलियों में गिना जाता है। हिड़मा आम नागरिकों समेत सुरक्षाबलों पर हुए 26 नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है, जिसमें कई लोगों की जान गई है। हिड़मा पर पुलिस ने एक करोड़ रुपये का इनाम रखा हुआ था। हिड़मा के अलावा उसकी पत्नी राजे की भी एनकाउंटर में मौत हो गई है। शाह ने तय की थी 30 नवंबर हिड़मा की डेडलाइन। 12 दिन पहले ही मार दिया गया।

जवानों ने मारेडमिल्ली के जंगल से हथियार भी बरामद किए हैं।

देश के सबसे खतरनाक नक्सल कमांडरों में शामिल माड़वी हिड़मा छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर मरेडमिल्ली जंगल में मंगलवार सुबह हुए एनकाउंटर में मारा गया है। उसकी पत्नी राजे उर्फ रजक्का और पाँच अन्य नक्सलियों को भी ढेर कर दिया गया है। बस्तर रेंज IG सुन्दरराज पी ने पुष्टि की है।

गृहमंत्री अमित शाह ने सुरक्षाबलों को हिड़मा को खत्म करने के लिए 30 नवंबर तक की डेडलाइन दी थी। इसके बाद आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित मरेडमिल्ली के घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। इसी ऑपरेशन में हिड़मा डेडलाइन से 12 दिन पहले ही मारा गया।

हिड़मा पिछले दो दशक में हुए 26 से ज्यादा बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रहा है। इनमें 2010 दंतेवाड़ा हमला भी शामिल है, जिसमें 76 CRPF जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा 2013 में झीरम घाटी हमले, 2021 सुकमा-बीजापुर हमले में भी हिड़मा की भूमिका रही है।

इधर छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के एर्राबोर थाना क्षेत्र में भी एक दूसरी मुठभेड़ हुई है, इसमें नक्सलियों के घायल होने की खबर है। दोनों जगहों पर सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ऑपरेशन टीम से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी है।

छत्तीसगढ़ के चीफ़ मिनिस्टर विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ के चीफ़ मिनिस्टर विष्णु देव साय

PLGA की बटालियन का कमांडर था हिड़मा

हिड़मा का जन्म1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुआ था। वह पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) की एक बटालियन का कमांडर और माओवादी सेंट्रल कमेटी का सदस्य था। वह बस्तर क्षेत्र से इस शीर्ष नेतृत्व में शामिल होने वाला इकलौता आदिवासी माना जाता था।

दंतेवाड़ा में 76 जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड था हिड़मा

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में 2010 में 76 जवानों की हत्या हुई थी। यह नक्सल इतिहास का सबसे बड़ा हमला था। उस हमले का मास्टरमाइंड हिड़मा ही था। इसमें बसवाराजू भी शामिल रहा, जो एनकाउंटर में पहले ही मारा जा चुका है। बसवाराजू हमले के लिए बनी रणनीति की मीटिंग में शामिल हुआ था। हमले की साजिश रची थी।

16 नवंबर को 3 नक्सली मारे गए थे

दरअसल, जवानों को 16 नवंबर 2025 को भेज्जी-चिंतागुफा के सीमावर्ती क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। पुख्ता सूचना मिलने पर DRG की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान रविवार सुबह तुमालपाड़ के जंगल में नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग के बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला। नक्सलियों की गोलियों का जवाब दिया। सुबह से दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हुई। इसमें तीन नक्सली मारे गए। जवानों ने सर्चिंग के दौरान जंगल से तीनों नक्सलियों के शव बरामद किए गए थे।

CM छत्तीसगढ़ का ट्वीट
CM छत्तीसगढ़ का ट्वीट

11 नवंबर को छह नक्सली मारे गए

बीजापुर जिले के नेशनल पार्क एरिया में 11 नवंबर को हुए मुठभेड़ में तीन महिला समेत छह नक्सली मारे गए थे। जिसमें मद्देड़ एरिया कमेटी का इंचार्ज बुच्चन्ना और दूसरे शीर्ष नक्सल लीडर पापाराव की पत्नी उर्मिला भी शामिल है। लेकिन पापाराव इस बार भी जान बचाकर भागने में कामयाब रहा।

इसी साल मई में कुख्यात नक्सली बसवाराजू भी ढेर हुआ

19 मई को अबूझमाड़ के कुडमेल- कलहाजा जाटलूर इलाके में बसवाराजू मारा गया था। यहां दंतेवाड़ा-बीजापुर और नारायणपुर से DRG के जवानों ने 27 नक्सलियों को ढेर किया था। इसके बाद से नक्सलियों को बड़ा झटका लगा था।

वो तारीख जिस दिन एक हजार नक्सलियों के साथ हिड़मा ने घात लगाकर सीआरपीएफ के 76 जवानों को मार डाला था।
वो तारीख जिस दिन एक हजार नक्सलियों के साथ हिड़मा ने घात लगाकर सीआरपीएफ के 76 जवानों को मार डाला था।

शाह का लक्ष्य- 31 मार्च 2026 तक नक्सल का खात्मा

गृहमंत्री शाह ने नक्सल समस्या को खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की है। सुरक्षाबल लगातार इस लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के सीएम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षाबलों द्वारा संचालित सफल ऑपरेशन में शीर्ष नक्सली लीडर एवं सीसी मेम्बर माडवी हिड़मा सहित छह नक्सलियों के न्यूट्रलाइज होने की ऐतिहासिक उपलब्धि पर सुरक्षाबलों के अदम्य साहस को सलाम करते हुए कहा है कि “यह घटना नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष में निर्णायक उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा पर सुरक्षाबलों के सफल ऑपरेशन में शीर्ष नक्सली लीडर और सीसी मेम्बर माडवी हिड़मा सहित छह नक्सलियों का न्यूट्रलाइज होना नक्सलवाद के विरुद्ध हमारी लड़ाई में एक निर्णायक उपलब्धि है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए सुरक्षाबल के जवानों के अदम्य साहस को नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हिड़मा वर्षों से बस्तर में रक्तपात, हिंसा और दहशत का चेहरा था। आज उसका अंत न सिर्फ एक ऑपरेशन की उपलब्धि है, बल्कि लाल आतंक पर गहरी चोट है, साथ ही यह क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की हमारी प्रतिबद्धता को और सशक्त करता है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने दी जवानों को बधाई कहा कि बीते महीनों में सैकड़ों नक्सलियों का आत्मसमर्पण, टॉप कैडर की गिरफ्तारियाँ और लगातार सफल ऑपरेशन्स बताते हैं कि नक्सलवाद अब अंतिम सांसें ले रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हमारी सुशासन सरकार बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई धारा बहा रही है। नियद नेल्ला नार, नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति, नवीन सुरक्षा कैंप की स्थापना, इन कदमों ने जनविश्वास को मजबूत किया है और बस्तर के हर गांव में नया आत्मविश्वास भरा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि केंद्र–राज्य की संयुक्त रणनीति के साथ मार्च 2026 तक भारत पूर्णतः नक्सलमुक्त होगा। हिड़मा की मां उसे बुलाती रह गईं

मारा गया तीन राज्यों का आतंक एक करोड़ का ईनामी नक्सली माड़वी हिड़मा
मारा गया तीन राज्यों का आतंक एक करोड़ का ईनामी नक्सली माड़वी हिड़मा

एक हफ्ते पहले ही छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा हिडमा की मां से मिले थे। तब उन्होंने कहा था कि वह अपने बेटे से हथियार छोड़ने की अपील कर दें। इस पर हिडमा की मां ने भी कहा था — “तुम कहां हो बेटा? घर वापस आ जाओ। हम लोग यहीं पर रहते हैं। अगर तुम वापस नहीं आओगे तो मैं क्या करूं? अगर तुम पास में रहते, तो मैं खुद जंगल आकर तुम्हारी तलाश करती। बस इतना चाहती हूं कि तुम वापस आ जाओ। बता दें कि पिछले कई सालों से अलग-अलग माध्यमों के जरिए हिडमा को अपने हथियार डालने के लिए कहा जा रहा था, चाहे वह सरकार के स्तर पर हो या किसी सामाजिक पहल के जरिए। लेकिन हर बार हिडमा का एक ही जवाब होता था- “मैं आखिरी सांस तक लड़ूंगा, चाहे मैं अकेला ही क्यों न रह जाऊं।

बताया जाता है कि हिडमा को ‘बाल संगम’ के तौर पर बचपन में ही नक्सलवादी संगठन में शामिल करा दिया गया था। सुकमा–बीजापुर सीमा के इलाके में उसका जन्म हुआ था। हिड़मा का संगठनात्मक सफर बताया जाता है कि हिडमा की पहली पोस्टिंग मध्य प्रदेश के बालाघाट क्षेत्र में थी। वह तब 22 साल का था। 2004 में सुकमा में उसे घोटुला एरिया कमेटी का सेक्रेटरी बनाया गया। 2007 में कंपनी नंबर-3 का कमांडर नियुक्त हुआ। 2009 में PLGA बटालियन-1 का डिप्टी कमांडर बना और बाद में उसे कमांडर तक पदोन्नत किया गया। हिडमा की पत्नी के बारे में बताया जाता है कि वह लंबे समय तक ‘मोबाइल पॉलिटिकल स्कूल’ की हेड रही।

सुजाता ने दी थी हिड़मा को हथियार की ट्रेनिंग

सूत्रों के अनुसार नक्सली महिला सुजाता ने शुरुआती दौर में हिडमा को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी थी। 2024 में सुरक्षा बलों ने उसे तेलंगाना से गिरफ्तार किया था। उसके ऊपर करोड़ों का इनाम घोषित था। सुजाता बस्तर डिवीजन कमेटी की प्रभारी थी और सुकमा समेत कई दूसरे इलाकों में नक्सल गतिविधियों की मुख्य रणनीतिकार मानी जाती रही है।

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