आगरा के बाद मेरठ परिक्षेत्र की जेलों में लूट मचाने की तैयारी!

आईजी
  • मुख्यालय के साथ मेरठ परिक्षेत्र का प्रभार पाने की जुगत में लगे DIG
  • आगरा परिक्षेत्र की जेलों में बवाल से अजिज डीआईजी परिक्षेत्र बदलवाने की जुगत 

नया लुक संवाददाता

लखनऊ। कारागार मुख्यालय और आगरा परिक्षेत्र की जेलों में लूट मचाने बाद DIG मुख्यालय परिक्षेत्र बदलवाने की जुगत में लगे हुए है। आगरा जेल परिक्षेत्र को छोड़कर वह मेरठ परिक्षेत्र जाने की जोड़ तोड़ में जुटे हुए है। विभागीय मंत्री और प्रमुख सचिव कारागार से सेटिंग गेटिंग कर वह ऐसा आदेश कराने की फ़िराख में है। कमाई का कोई मौका नहीं छोड़ने वाले DIG का यह आदेश किसी भी दिन जारी किया जा सकता है। मजे के बात यह है कि पुलिस IPS  के जेल परिक्षेत्र पर विभागीय डीआईजी कब्जा करने में लगे हुए हैं।

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सूत्रों के मुताबिक DIG कारागार मुख्यालय के साथ आगरा जेल परिक्षेत्र की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रेमनाथ पांडेय इन दिनों परिक्षेत्र बदलवाने की जुगत में लगे। आगरा परिक्षेत्र की करीब आधा दर्जन जेलों में बवाल को देखते हुए वह मुख्यालय के साथ मेरठ परिक्षेत्र की कमान पाने की सेटिंग गेटिंग में लगे हुए है। सूत्रों की माने तो पूर्व में डीआईजी पी एन पांडेय के पास आगरा परिक्षेत्र के साथ कानपुर जेल परिक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार था। कानपुर परिक्षेत्र का प्रभार छोड़कर उन्होंने कारागार मुख्यालय का प्रभार हासिल किया था। अब वह आगरा परिक्षेत्र का प्रभार छोड़कर मेरठ जेल परिक्षेत्र की जिम्मेदारी पाने की जुगत में लगे हुए है। इसकी पूरी सेटिंग गेटिंग अंतिम चरण में है। डीआईजी के परिक्षेत्र बदलने का आदेश शासन से किसी भी समय जारी किया जा सकता है।

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सूत्र बताते है कि प्रदेश कारागार विभाग में विभागीय DIG  की संख्या कम होने की वजह से चार IPS पुलिस अधिकारियों को लगाया गया। इस कमी की वजह से एक एक डीआईजी के पास दो दो प्रभार दिए गए है। DIG कारागार मुख्यालय के पास पूर्व में कानपुर और आगरा जेल परिक्षेत्र का प्रभार था। कानपुर जेल परिक्षेत्र की जेलों में कई सनसनीखेज घटनाएं होने के बाद शासन ने उन्हें कानपुर जेल परिक्षेत्र का प्रभार हटाकर मुख्यालय का प्रभार सौंप दिया। मुख्यालय का प्रभार मिलने के बाद वह पांच दिन मुख्यालय और दो दिन आगरा परिक्षेत्र की जेलों का देखते थे। इससे परिक्षेत्र के जेलों में घटनाओं में बढ़ोत्तरी हो गई। आगरा परिक्षेत्र की जेलों में बवाल को देखते हुए अब वह मेरठ परिक्षेत्र जाने की जुगत में लगे हुए हैं। उधर इस संबंध में जब प्रमुख सचिव कारागार अनिल गर्ग से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे बात नहीं हो पाई।

एक-एक डीआईजी के पास दो- दो प्रभार

कारागार विभाग में वर्तमान समय में नौ जेल परिक्षेत्र है। नौ परिक्षेत्रों में तीन विभागीय और चार पुलिस के आईपीएस समेत कुल सात डीआईजी तैनात है। आईपीएस राजेश श्रीवास्तव के पास वाराणसी और प्रयागराज की जिम्मेदारी है। कुंतल किशोर के पास बरेली परिक्षेत्र, सुभाष शाक्य के पास मुख्यालय के साथ मेरठ परिक्षेत्र और प्रदीप कुमार गुप्ता के पास कानपुर परिक्षेत्र की जिम्मेदारी है। विभागीय डीआईजी में रामधनी के पास मुख्यालय के साथ लखनऊ परिक्षेत्र, प्रेमनाथ पांडेय के पास मुख्यालय के साथ आगरा परिक्षेत्र और शैलेन्द्र मैत्रेय के पास अयोध्या परिक्षेत्र के साथ गोरखपुर परिक्षेत्र का प्रभार है। एक एक डीआईजी जिनके पास दो-दो परिक्षेत्रों का प्रभार है। उनके तो निर्धारित समयावधि में जेलों का निरीक्षण नहीं हो पाने की वजह से जेलों की व्यवस्थाएं अस्त-व्यस्त होती जा रही हैं।

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