राम नाम उकेरते हुए तैयार कर दी अद्भूत हनुमान चालीसा

Untitled 10 copy 19
  • प्रतिभा पांडेय ने तैयार की दुनिया की पहली सचित्र हनुमान चालीसा
  • भक्ति और आध्यात्म,शब्द और रंगों का जीवंत संगम है ये चालीसा

नया लुक संवाददाता

प्रयागराज। संगम तीरे बसे प्रयागराज की प्रतिभा पांडेय ने दुनिया की पहली सचित्र हनुमान चालीसा है, जिसमें शब्द, रंग और साधना तीनों का जीवंत संगम है। इसकी हर रेखा में असंख्य ‘राम नाम’. हर चित्र में भक्ति और आध्यात्म के संगम को प्रयागराज की युवा चित्रकार प्रतिभा पांडेय ने अद्भूत तरीके उकेरा है। इनके चित्र की खासियत यह है कि इसकी हर रेखा, हर आभा और हर आकार ‘राम-राम’ से निर्मित है। करीब 14 फीट लंबे स्क्रोल पेंटिंग पर हनुमान चालीसा के सभी दोहे असंख्य राम नाम लिखकर तैयार किए गए हैं। इस तस्वीर को दूर से देखने में ऐसा लगेगा कि यह लाल पेन से लिखा गया है, लेकिन जब आप नजदीक से देखेंगे तो यह राम-राम से लिखा गया है. यह दुनिया की पहली सचित्र हनुमान चालीसा है, जो शब्द, रंग और साधना तीनों का एक साथ जीवंत रूप है।

दिलचस्प बात तो ये है कि इस हनुमान चालीसा में किसी लाइन या डॉट का प्रयोग नहीं किया गया है। इसमें सिर्फ प्रभु श्रीराम का नाम लिखकर ही तैयार किया जा रहा है और सारे चित्र राम के नाम से ही बने हैं। प्रतिभा कहती हैं कि यह विचार मुझे कोरोना काल के दौरान आया था क्योंकि उस वक्स चारों ओर भय और अनिश्चितता का माहौल था और लोग असहाय थे। वे बताती हैं कि एक दिन मैं ध्यान में बैठी थी. मुझे अंदर से प्रेरणा हुई कि क्यों न भगवान राम के नाम से कोई चित्र बनाऊं। इसके बाद मैंने पेंसिल से भगवान शिव का चित्र बनाकर उस पर राम नाम लिखना शुरू कर दिया। जब चित्र बनकर तैयार हुआ तो मैं खुद ही उसे निहारती रही। मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा था, कि यह शब्द चित्र मैंने ही तैयार किया है।

इसके बाद मैंने 40 दोहों और उतने ही 40 चित्रों के साथ राम नाम से हनुमान चालीसा तैयार करने शुरु किया। पहले धीरे–धीरे लाल पेन से बारीक अक्षरों में ‘राम राम’ लिखते हुए हनुमान चालीसा के दोहे उकेरने लगी। जैसे-जैसे ‘राम नाम’ लिखती गई वैसे-वैसे हर चित्र में नई ऊर्जा उतरती चली गई। ऐसा लगा जैसे मेरे हाथ कोई और शक्ति चला रही हो। प्रतिभा ने हनुमान चालीसा के 40 दोहों के लिए 40 अलग-अलग चित्र बनाए हैं और हर चित्र में कथा और भक्ति दोनों का भाव जीवंत है। कहीं बाल हनुमान सूर्य को निगलते दिखते हैं, तो कहीं संजीवनी पर्वत उठाए वीर रूप में हैं। इस चित्र को ध्यान से देखा जाए तो चित्र की हर रेखा, हर शेड में ‘राम-राम’ लिखा दिखाई देता है।

प्रतिभा बताती हैं, कि यह काम लगातार साधना और अनुशासन से संभव हुआ। कई-कई घंटे बिना रुके सिर्फ ‘राम-राम’ लिखती थी। और हर दोहा पूरा होने पर ऐसा लगता था जैसे कोई ध्यान सत्र पूरा हुआ है। वे कहती हैं, कि ऐसा किसी व्यावसायिक काम या प्रदर्शन के लिए नहीं किया गया बल्कि यह मेरे लिए भक्ति और साधना का माध्यम है। मेरे लिए चित्र बनाना सिर्फ एक रचना नहीं, एक प्रार्थना है।

Spread the love

Today's Horoscope
Astrology homeslider

जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का आज का भविष्यफल

Today’s Horoscope आज का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर और खुशखबरी लेकर आया है। कुछ लोगों को करियर और कारोबार में सफलता मिलेगी, जबकि कुछ को स्वास्थ्य, खर्च और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत होगी। जानिए सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल। मेष : व्यापारिक नई योजनाओं का प्रारंभ होगा। बड़े […]

Spread the love
Read More
brake up
homeslider National

अब प्यार इश्क और मोहब्बत समझने वालों को भी मिलेगा तीन लाख तक का बड़ा सैलरी पैकेज

brake up  अगर आप अपने पार्टनर से रिश्ता खत्म करना चाहते हैं लेकिन सामने बैठकर “ब्रेकअप” कहने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, तो अब इसका भी “प्रोफेशनल समाधान” बाजार में आ गया है। एक डेटिंग प्लेटफॉर्म ने ऐसी नौकरी निकाली है, जिसमें किसी और की तरफ से ब्रेकअप की बात कही जाएगी और […]

Spread the love
Read More
8th Pay Commission
Business homeslider

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! जुलाई में होंगी अहम बैठकें…जानिए कब बढ़ेगी सैलरी

8th Pay Commission केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से बड़ी उम्मीदें हैं। हर कोई यह जानना चाहता है कि नया वेतनमान कब लागू होगा, फिटमेंट फैक्टर कितना रहेगा और सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी। इसी बीच आयोग ने अपनी प्रक्रिया तेज करते हुए कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स […]

Spread the love
Read More