लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्वास्थ विभाग का एक अजब-गजब कारनामा सामने आया है। यहां विभाग के कर्मचारियों ने एक जिन्दा युवक की ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट बना दी। जिसके बाद ये पूरा मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं पीड़ित के परिजन लगातार SP ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं।
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जिंदा की बना दी पोस्टमार्टम रिपोर्ट
मिली जानकारी के मुताबिक, ये पूरा मामला सहारनपुर जनपद के थाना बड़गांव क्षेत्र के ग्राम अम्बेहटा मोहन का है। बताया जा रहा है कि यहां 15 वर्षीय साहिब पुत्र तौफिक अपने परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण महाराष्ट्र काम करने गया था। उसके साथ गांव का दूसरा युवक शहनजर पुत्र रियासत त्यागी भी गया था। परिवार का आरोप है कि, बीते एक अक्टूबर की शाम धोलेरुबी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की तीसरी मंजिल पर साहिब और ठेकेदार मोबिन पुत्र यामीन के बीच पैसों को लेकर झगड़ा हुआ। आरोप है कि मोबिन ने गुस्से में साहिब को धक्का दे दिया, जिससे वह नीचे गिर गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हालांकि, जब परिवार ने मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कागज़ दिए, तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक साहिब का नाम नहीं, बल्कि जिंदा युवक शहनजर का नाम दर्ज था। इस लापरवाही की वजह से नाबालिग साहिब का डेथ सर्टिफिकेट नहीं बन पा रहा, जबकि शहनजर का आधार कार्ड और सरकारी रिकॉर्ड में नाम मृत दिख रहा है।
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परिजनों का SSP दफ्तर में हंगामा
जिसके बाद अब दोनों परिवार SSP सहारनपुर आशीष तिवारी के पास पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। मृतक साहिब की मां ने आरोप लगाया है कि, मोबिन ने उसके बेटे को काम दिलाने के बहाने महाराष्ट्र ले जाकर उसकी जान ले ली। परिवार के वकीलों ने कहा कि कानून के तहत मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सहारनपुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच CO देवबंद को सौंपी है। परिवार और वकील ने आरोप लगाया है कि मोबिन ने मृतक और जिंदा युवक के नामों के साथ दस्तावेज़ों में फर्जीवाड़ा किया। पुलिस ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होगी।
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