- इससे पहले यातायात व्यवस्था में मिली खामियां पर हटे थे आईपीएस अफसर डीके ठाकुर
- शहर के चारों दिशाओं में जाम ही घंटों जाम से जूझते रहे लोग
- एंबुलेंस भी फंसी रही तो एक बार फिर यातायात व्यवस्था की खुली पोल
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। बुधवार को बसपा संस्थापक कांशीराम की 19वीं पुण्यतिथि पर बसपा सुप्रीमो मायावती की बंगला बाजार स्थित मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल पर महारैली थी। इस महारैली में दो-चार हजार की भीड़ नहीं, बल्कि लाखों की संख्या में भीड़ जमा रही। पूरा कार्यक्रम स्थल खचाखच भरा हुआ था, पूर्व मुख्यमंत्री मायावती जैसे ही हुंकार भरी तो चारों ओर जिंदाबाद के नारे गूंज उठे।
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इस मौके पर सुरक्षा व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को लेकर दो हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, शहीद पथ, रायबरेली रोड, कानपुर रोड, अयोध्या रोड या फिर सुल्तानपुर जाने वाले मार्गों पर इस कदर यातायात व्यवस्था चरमराई कि पुलिस महकमे के पूरे अमले की पोल खोल कर दी।
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कोई दिशा बाकी नहीं रही जहां वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई थी और तो और पैदल चलने वाले राहगीरों को भी कठिनाइयां झेलनी पड़ी। भीड़ और यातायात व्यवस्था पर गौर करें तो घंटों कई एंबुलेंस भी फंसी रहीं और एंबुलेंस के भीतर से आ रही मरीजों की कराह इस बात की साफ गवाही दे रही थी वाह कमिश्नरेट पुलिस फेल हो गई और जगह-जगह जाम लगा रहा। हालांकि यातायात व्यवस्था को लेकर ही तत्कालीन पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को हटाया गया था, इसके बावजूद पुलिस के आलाधिकारी नहीं चेत रहे हैं।

