- कई पुरुष खुद को अपडेट रखने के लिए पत्नियों का सामान भी करते हैं इस्तेमाल
- पत्नी के साथ रुम तो शेयर करते हैं लेकिन नहीं करते अपना निजी सामान शेयर
कृतिमा द्विवेदी
लखनऊ। एक जमाना वो भी था, जब पुरुष घर के बाहर कुएं पर नहाता था और वहीं नहाते समय तेल लगा लेता था। श्रृंगार के नाम पर केवल इतना ही था कि वो कंघी कर लेता था या फिर तेल लगा लेता था। लेकिन अब जमाना बिल्कुल बदल गया है। पति-पत्नी दोनों का अपना-अपना मेकअप सेट तैयार हो चुका है। सबका अपना परफ्यूम ही अलग नहीं है, फेसवाश, क्रीम, हेयर कलर क्रीम और बाकी के कई सामान अब अलग हो चुका है। फैशन एक्सपर्ट संगीता वाजपेयी बताती हैं कि पहले सजना, संवरना केवल महिलाओं का काम हुआ करता था। कारण भी साफ था, पति कमाने जाते थे और पत्नियां घर संभाला करती थीं, लेकिन अब पत्नी भी पति की तरह समय से दफ्तर के लिए निकल जाती हैं। वो एक ऐसा कारण है जो महिलाओं को मेकअप करने का कम समय मिला। अब घर में समय नहीं मिला तो कुछ ऐसा साथ लेकर चलने लगीं जो रफ-टफ लुक दे और कम से कम समय में उन्हें ज्यादा स्मार्टनेस दे। इसी चक्कर में लड़कियों ने पहले जीन्स पहनना शुरू किया, फिर टी-शर्ट उसके बाद शर्ट। अब पुरुषों के 90 फीसदी पहनावे पर स्त्रियां हावी हो गई हैं। जब स्त्रियों ने पुरुष का पहनावा अपना लिया तो पुरुषों ने भी उनके पहनावे और लुक्स की ओर ध्यान देना शुरू किया। यही कारण है कि आज पुरुष महिलाओं से ज्यादा फैशनेबल और मेकअप करने लगे हैं।
एक छोटा सा उदाहरण : बस्ती की मोनिका अब एक दफ्तर में कम्प्यूटर ऑपरेटर का काम करती है। उसे ठीक 9.30 बजे दफ्तर पहुंचना रहता है। बीती शाम एक पार्टी में जाने के कारण वह आठ बजे सो के उठी तो उसे जल्दी से नाश्ता भी तैयार करना था और समय से दफ्तर भी पहुंचना था। वो नहा-धो के जल्दी-जल्दी बालों को उल्टा-सीधा लपेटती है और जींस टी-शर्ट डालकर ऑफिस के लिए निकल पड़ती है। वहीं साथ का विकास उससे देरी से बिस्तर छोड़ता है और केवल दाढ़ी सेट करने और फेस पर फेसवॉश और क्रीम का लेप करने में लेट हो जाता है, उसे दफ्तर में डांट भी सुननी पड़ जाती है। इसका कारण यह नहीं है कि लड़की डांट के डर के कारण जल्दी पहुंच गई। नहीं, उसने खुद को आइने में देखा और लगा कि वह ठीक-ठाक लग रही है और लोगों में इम्प्रेशन वह अपने जूड़े और बेहतरीन फिगर से छोड़ सकती है तो वो दफ्तर से लिए निकल गई।
लड़कों में आ गया संजने-संवरने का चलन
कुछ बरसों पहले आई-ब्रो केवल महिलाएं सेट कराती थी लेकिन अब पुरुषों ने उस पर एकाधिकार कर लिया है। कई पुरुष ऐसे हैं जो महीने में एक बार आई-ब्रो सेट कराते हैं और ब्लीच, फेस मसाज जैसे अत्याधुनिक साज-सज्जा का सहारा लेकर खुद सो स्मार्ट बनाने में लगे हुए हैं। यहां तक कि बहुत से पुरुष अपने सीने और बदन के बाल भी ट्रिम कर लेते हैं, जबकि वो एक समय में फैशन हुआ करता था। अब लड़कियों की तरह चिकना दिखने का चलन भी लड़कों में तेजी से पसर रहा है।

निजी हो गया शैम्पू, फेसवॉश और मसाज
पहले लड़कियों की आलमारी में शैम्पू, क्रीम और फेसवॉश जैसी चीजें हुआ करती थीं, लेकिन अब पुरुषों की किट भी बन गई हैं। वो कहते हैं कि मैं इस ब्रांड का शैम्पू प्रयोग करता हूं, इस कम्पनी का फेसवॉश लगाता हूं। यह साबुन न लगाऊं तो स्किन पर दाने निकल जाते हैं। जबकि कुछ बरसों पहले तक ऐसा नहीं था। घर के बाहर नहा रहा पुरुष जो साबुन पाता था, वो लगा लेता था। अब आलम यह है कि पत्नी के साथ रूम तो शेयर करते हैं, लेकिन अपने इस्तेमाल की चीजों को कभी शेयर नहीं करते।
