कैसे बनाई जाती है जुड़वां बच्चों की कुंडली

Untitled 2 copy 46

राजेन्द्र गुप्ता, ज्योतिषी और हस्तरेखाविद

जुड़वां बच्चों की कुंडली बनाने के लिए उनकी सही जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान की आवश्यकता होती है, क्योंकि ये जानकारी दोनों के लिए अलग-अलग होती है और सूक्ष्म अंतर भी कुंडली में बहुत भिन्नता ला सकते हैं। ज्योतिषी नवमांश और वर्ग चार्ट जैसे विशेष चार्टों का उपयोग करके इन सूक्ष्म अंतरों को समझते हैं, क्योंकि ग्रहों की स्थिति और लग्न अंशों में बहुत कम समय में भी बदलाव हो जाता है।

ज्योतिषी के लिए आवश्यक जानकारी:

जन्म की तारीख: दोनों बच्चों के जन्म की सटीक तारीख।

जन्म का समय: दोनों बच्चों के जन्म का अलग-अलग समय, चाहे वह मिनटों का अंतर ही क्यों न हो।

जन्म स्थान: दोनों बच्चों के जन्म का सटीक स्थान।

ये भी पढ़े

हे भगवान! एक छोटी सी गलती की इतनी बड़ी सजा, एक साथ 200 से ज्यादा लोग बीमार

कुंडली बनाने की प्रक्रिया

व्यक्तिगत कुंडली: सबसे पहले, प्रत्येक जुड़वां बच्चे के लिए उसकी जन्म तिथि, समय और स्थान के आधार पर अलग-अलग जन्म कुंडली बनाई जाती है।

लग्न की सूक्ष्म गणना: लग्न की स्थिति हर चार मिनट में बदलती है, इसलिए एक मिनट के अंतर से जन्मे बच्चों के लग्न भी अलग-अलग होते हैं। ज्योतिषी लग्न के सूक्ष्म अंशों की गणना करते हैं।

नवमांश और वर्ग चार्ट का विश्लेषण : जुड़वां बच्चों की कुंडली में सूक्ष्म अंतर समझने के लिए ज्योतिषी नवमांश और वर्ग चार्ट का उपयोग करते हैं। इन चार्टों से ग्रहों की स्थिति, नक्षत्र और अन्य सूक्ष्म गणनाओं को देखा जाता है।

ग्रहों की स्थिति और नक्षत्र का विश्लेषण : जन्म के समय चंद्रमा, बृहस्पति, मंगल, शुक्र और बुध जैसे ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण किया जाता है, क्योंकि ये ग्रह बच्चों के स्वभाव और भविष्य को प्रभावित करते हैं।

ये भी पढ़े

ब्राह्मण परिवार के बच्चे का खतना कर कराया धर्म परिवर्तन

दशा और गोचर का प्रभाव : ग्रहों की स्थिति के साथ-साथ उनकी दशाओं और गोचर का भी विश्लेषण किया जाता है, जो भविष्य के बारे में सटीक भविष्यवाणी करने में मदद करते हैं।

निष्कर्ष :  भले ही जुड़वां बच्चों की जन्म कुंडली एक जैसी लगे, लेकिन जन्म के समय में मिनटों का अंतर भी उनके ग्रहों, लग्न और नक्षत्रों की स्थिति को बदल देता है। सूक्ष्म विश्लेषण के माध्यम से ज्योतिषी इन अंतरों को समझकर प्रत्येक बच्चे के लिए एक अलग भविष्य और जीवन पथ की व्याख्या कर सकते हैं।

Spread the love

Yogi
homeslider Raj Dharm UP

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू, छात्रों-व्यापारियों को बड़ा फायदा

Yogi  सरकार में एक और मील का पत्थर, 45 मिनट में लखनऊ से कानपुर जनता को समर्पित हुआ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे 2018 में बनी योजना, 1648 दिनों की मेहनत के बाद सपना साकार 4500 करोड़ रुपये की परियोजना ने बदली दो महानगरों की तस्वीर नौकरीपेशा, छात्र, व्यापारी और उद्योगों को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश […]

Spread the love
Read More
Ethanol
homeslider Raj Dharm UP

एथनॉल की वजह से जंग और जंक दोनों की बढ़ रही समस्या: अखिलेश यादव

Ethanol मुनाफाखोरी का नया नाम, इस त्रि-मिश्रण में सरकार एथनॉल और तेल कंपनियां की साझेदारी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि एथनॉल’ मुनाफाखोरी का नया नाम है। ये ‘सरकारी मिलावट’ का एक ऐसा त्रि-मिश्रण है जिसमें सरकार, एथनॉल बनानेवालों और तेल कंपनियों की साझेदारी है। एथनॉल के समर्थन […]

Spread the love
Read More
Azad Adhikar Sena
homeslider Uttar Pradesh

राम मंदिर ट्रस्ट से “दाता आश्वासन प्रमाणपत्र” की मांग

Azad Adhikar Sena आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से 05 फरवरी 2020 से अब तक प्राप्त हुए समस्त नकद एवं बहुमूल्य दान का स्वतंत्र पेशेवर संस्था से एकमुश्त पूर्वव्यापी मिलान (Retrospective Reconciliation) कराने की मांग की है। ट्रस्ट के अध्यक्ष/महासचिव को भेजे पत्र में उन्होंने कहा […]

Spread the love
Read More