कोई डॉक्टर जान-बूझकर नहीं ले सकता किसी भी मरीज की जान

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  • मरीज की मौत चिकित्सक के साथ-साथ अस्पताल के  लिए भी दुखद
  • दुर्घटना होने पर बिना तथ्य जाने मामले को गलत तरीके से परोसना उचित नहीं

विजय श्रीवास्तव

लखनऊ। पिछले दिनों साउथ सिटी के एक अस्तपाल में कुशल सर्जन द्वारा नाक का सफल ऑपरेशन थिएटर से शख्स बाहर आता है और बेड पर अपनी मां व परिवार के लोगों से बात करता है। लेकिन किसे पता था कि नीयती का क्रूर प्रहार कुछ ही क्षणों में उस पर होने वाला है। एकाएक मरीज की तबीयत खराब हुई और उनकी मौत हो गई। तभी कुछ अराजक तत्वों ने सोशल मीडिया पर मनगढ़ंत कहानी चलानी शुरू की। कहानी थी कि ऑपरेशन के समय हुई कैजुअल्टी। कहा जाता है कि झूठ की रफ्तार तेज होती है और सच को सामने आने से पहले कई परतों तक झूठ से लड़ना पड़ता है। कुछ ही देर में कई लोग सोशल मीडिया पर कहने लगे कि ऑपरेशन के दौरान हुई मरीज की मौत। सूत्रों का कहना है कि इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है। ऑपरेशन के बाद मरीज बाहर बेड पर आया था। उस दौरान उसने अपने परिजनों ने बात भी की, लेकिन क्या हुआ, यह बता पाना मुश्किल है।

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सर्जरी करने वाले डॉक्टर का कहना है कि मृतक का अपने उम्र के हिसाब से शरीर की लम्बाई अविकसित थी, इसलिए संभावना है कि कहीं उसका हृदय भी अविकसित न रह गया हो। हालांकि क्या सच्चाई है यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता लगेगी। कुशल सर्जन का कहना है कि ऐसी घटना माता-पिता परिवार, समाज व अस्पतालों के लिए दुखदायी होता है। बिना सही बात और पूर्ण तथ्य जाने किसी हास्पिटल व संस्था के बारे में मिथ्या प्रचार कतई न्यायोचित नही होता है।

कई हास्पिटल संचालकों ने दबी जुबान कहा कि अब हम लोग इमरजेंसी मरीज लेना बंद कर दिए हैं और अगर कहीं 20 किमी के अंदर के स्थानीय नेता, विभिन्न संगठन बनाकर स्वयंभू नेता टाइप लोगों को तो देककर ही हाथ खडा कर लेना पड़ता है, इलाज में पैसा लागत भी इन लोगों से नही मिलना ऊपर कम्पलेंट की धौंस कौन झेले ?

अस्पताल संचालक ने कहा -अस्पताल की कोई भी लापरवही नही

प्रिंस (उम्र के साथ कम लंबाई का अविकसित बच्चा था) का कल 18 सितम्बर को नाक का ऑपरेशन एंडोस्कोपिक हुआ। ऑपरेशन के बाद उसके सारे रिपोर्ट सामान्य थे। उसका ऑपरेशन प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम ने किया था। ऑपरेशन के दौरान या बाद में सब कुछ सामान्य था । बच्चा घर वाले के साथ सामान्य बात कर रहा था। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार प्रिंस की मां और मौसी का लड़का विनय उसके बेड पर बैठ कर बात कर रही थी। थोड़ी देर बाद अचानक घबराहट के साथ हृदयगति असामान्य हो गई । टीम ने सब प्रयास किया। यह घटना आकस्मिक हुई, जिसमें इमरजेंसी प्रोटोकॉल (ACLS) के तहत सीपीआर दिया गया, परन्तु मरीज को बचाया नहीं जा सका। संचालक का कहना है कि अस्पताल भी इस दुखद घटना में परिवार के साथ है।

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