- जानकीपुरम क्षेत्र स्थित नारायण स्कूल में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। गुडंबा के जानकीपुरम क्षेत्र स्थित नारायण स्कूल में गुरुवार को इंटर के और अभिभावकों ने पूर्व प्रधानाचार्य सुप्रिया पांडेय को निकाले जाने पर विरोध जताने पर स्कूल प्रशासन से कहासुनी हुई और देखते ही देखते बड़ा रुप अख्तियार कर लिया। इस दौरान दोनों ओर से मारपीट के अलावा जमकर धक्का-मुक्की हुई थी। इस मामले आईआईएम रोड निवासी नारायण स्कूल के डीजीएम आशुतोष कुमार की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व प्रिंसिपल सुप्रिया पांडेय के अलावा निलिमा तिवारी, सुमित भौमिक, देव, पार्थ, ओम, सेवी पांडेय, इसिता , प्रसून वर्मा व काव्या चौधरी सहित अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाते हुए स्कूल के डीजीएम आशुतोष कुमार ने कहा कि पूर्व प्रधानाचार्य सुप्रिया पांडेय के पहनावे ठीक नहीं रहता था, जिससे कॉलेज प्रशासन द्वारा उन्हें हटा दिया गया था। उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि स्कूल मैनेजमेंट जब चाहे किसी टीचर को हटा सकता है।
प्रिंसिपल सुप्रिया पांडेय को स्कूल द्वारा हटाए जाने पर बच्चे और अभिभावक नाराज थे। गुरुवार को अभिभावक और उनके बच्चे स्कूल पहुंच गए और कहा कि प्रिंसिपल सुप्रिया पांडेय को क्यों हटाया गया। बातचीत चल रही थी कि इसी दौरान स्कूल प्रशासन मामले को शांत कराने के बजाए बच्चों और प्रिंसिपल को गलत ठहराते हुए बाहर जाने के लिए कहा। इस दौरान दोनों ओर से मारपीट के साथ-साथ जमकर धक्का-मुक्की हुई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले को शांत कराने के बजाए मुस्तकबिल वाले बच्चों पर लाठियां भांजनी शुरू कर दी, जिससे कई छात्र चोटिल हो गए। खास बात यह है कि गुडंबा पुलिस ने क्रास मुकदमा दर्ज करने के बजाए एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए स्कूल के डीजीएम आशुतोष कुमार की तहरीर पर पूर्व प्रधानाचार्य सुप्रिया पांडेय सहित दस लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज वाहवाही बटोर ली।
जो चाहे कर सकता है एक कोतवाल
कमिश्नर साहब: ऊंची रसूख रखने वाले का पक्ष लेते हुए पीड़ितों पर ही लाद दिया मुकदमा एक कोतवाल अपने क्षेत्र में जो चाहे वह कर सकता है। गुरुवार को जानकीपुरम क्षेत्र स्थित नारायण स्कूल में पूर्व प्रधानाचार्य सुप्रिया पांडेय को बिना नोटिस दिए स्कूल से निकाली गई प्रिंसिपल के पक्ष में अभिभावक और उनके बच्चे स्कूल में दाखिल हुए स्कूल मैनेजमेंट से हटाने की वजह पूछी तो स्कूल मैनेजमेंट पूर्व प्रधानाचार्य सुप्रिया पांडेय के पहनावे को लेकर कहा कि उनका तौर-तरीकों पर सवाल उठते ही अभिभावक और उनके बच्चे भड़क गए। हंगामा होने की खबर स्कूल प्रशासन ने पुलिस को दी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई विडियो साफ बयां कर रही है कि जिस तरह से गुडंबा पुलिस छात्रों पर बर्बरता की, यह उसी पुलिसिया हनक की एक नजीर है। कोतवाल साहब ने अपने मातहतों के साथ मिलकर जमकर लाठियां भांजी।
यही नहीं बताया जा रहा है कि करीब तीन चार घंटे तक मुस्तकबिल वाले बच्चों को थाने में बैठा दिया और जितनी प्रताड़ना दे सकते थे, दी। अभिभावक व उनके बच्चों के बीच स्कूल प्रशासन से हुई बातचीत ने इतना तूल पकड़ा कि इसका शोर पुलिस मुख्यालय और पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक पहुंच गई। आसपास में रहने वाले कुछ लोगों की मानें तो पुलिस ने मामले को शांत कराने के बजाए छात्रों और उनके माता-पिता पर जमकर लाठियां बरसाई, जिससे कई छात्र जख्मी हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस का भय इस कदर व्याप्त है कि अभिभावक और उनके बच्चे कुछ भी बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। हालांकि पुलिस एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
