चली रामलीला परम्परा और पौराणिक धारावाहिकों की प्रासंगिकता पर चर्चा

Untitled 28 copy 1
  • ब्रजेश पाठक ने किया अनसुने सितारे और मैं स्वयं सेवक
  • नाटककार सुशील कुमार सिंह ने बताया अपना रचना संसार

लखनऊ। साहित्य ही नहीं, इतिहास-भूगोल, विज्ञान कला हर विषय की किताबें यहां बलरामपुर गार्डन अशोक मार्ग पर चल रहे 22वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले की शान बनी हुई हैं। आज फिर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक मेले में किताबों के बीच थे। मेले में पुस्तक प्रेमी साहित्य, लोक संस्कृति, कला विषयों और ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य की पुस्तकें प्रकाशन विभाग दिल्ली, उप्र हिन्दी संस्थान, उर्दू अकादमी, आदिदेव प्रेस, भारतीय कला प्रकाशन के स्टाल पर पलटते और खरीदते दिखायी दिये। स्कूल कालेज के विद्यार्थियों की संख्या आज भी खूब रही। दो दिन बाद रविवार को मेला विदा हो जायेगा। मेले में आज श्रीधर अग्निहोत्री की किताब अनसुने सितारे और मनीष शुक्ल की पुस्तक मैं स्वयंसेवक का विमोचन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, ललित कला अकादमी उपाध्यक्ष गिरीशचंद्र मिश्र व अतिथियों ने किया। इस मौके पर ब्रजेश पाठक ने कहा कि किताबों में दर्ज ज्ञान अगली पीढ़ी को हस्तांतरित होता है।

निराला, रामविलास शर्मा और अटल बिहारी वाजपेयी का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आगरा और ग्वालियर गजेटियर में उल्लेख है कि अटल बिहारी स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रहे। मनीष शुक्ल की पुस्तक में राजनीति की कई करवटों का जिक्र है। श्रीधर की किताब फिल्मों के अनछुए और भुला दिए चरित्र नायकों का स्मरण है। यहां लेखकों के साथ ही पत्रकार हेमंत तिवारी, मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल, चंद्रभूषण ने विचार व्यक्त किये। आज के प्रमुख आयोजनों में सिंहासन खाली है, नौलखिया दीवान, बेबी तुम नादान, अलख आजादी की, काकोरी एक्शन जैसे अनेक चर्चित नाटकों के लेखक, कवि और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से निकले रंग निर्देशक सुशील कुमार सिंह के वैविध्यपूर्ण लेखन पर चर्चा हुई। लेखक ने अपने रचनाकर्म से परिचित कराते हुए नाटकों के अंशों का पाठ किया। अभिनेता डा.अनिल रस्तोगी, कला वसुधा पत्रिका के सम्पादक अशोक बनर्जी, अनिल मिश्रा गुरुजी, ललित सिंह पोखरिया, रंग संगीतकर आलोक श्रीवास्तव,कला समीक्षक राजवीर रतन ने  सिंह के नाटकों को लेकर अपने अनुभव साझा किये। वाणी प्रकाशन के सहयोग से अरुण सिंह के संचालन में चले कार्यक्रम में सुशील कुमार सिंह की दूरदर्शन सेवा काल और भारतेन्दु नाट्य अकादमी निदेशक के तौर पर किये कार्यों और उपलब्धियों की चर्चा चली।

उत्कर्ष प्रतिष्ठान व हरेला बाखई की ओर से रामलीला बनाम पौराणिक धारावाहिक के प्रस्तुतिकरण पर वक्ताओं ने विचार रखे। राजवीर रतन ने गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित ऐशबाग रामलीला की बदल गयी परम्परा का जिक्र किया। रजनीश राज ने अयोध्या में मंचीय रामलीला में फिल्मी कलाकारों के भाग लेने की नयी परम्परा का जिक्र किया। नवेद शिकोह ने रंगमंच और परम्परागत रामलीला पर बात रखी। हेमंत तिवारी ने कहा कि बदलते समय का असर परम्पराओं पर पड़ा है। संयोजक हरीश उपाध्याय के साथ मोहन सिंह बिष्ट, अर्जल चौधरी, गरिमा पंत, मोहनचंद लखचौरा व स्टडी हाल कालेज की प्रांशी ने विचार रखे। ज्योति किरन रतन ने राम भजन पर नृत्य प्रस्तुत किया।
आज के कार्यक्रमों की शुरुआत साहित्य साधक की गोष्ठी से हुई। आईपीएस डा.हरीश कुमार की किताब कुंभ पुलिस और पोटलीवाला पर हुई चर्चा में लेखक के संग डा.सूर्यकांत व पल्लवी ने बात रखी। शाम को रेवान्त की ओर से काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ।

आज के कार्यक्रम 13 सितंबर

पूर्वाह्न 11:00 बजे पर्यावरण चेतना व सम्मान समारोह- निखिल प्रकाशन
शाम 5:00 बजे सम्मान समारोह- पुस्तक मेला समिति
शाम 6.45 कथक- रतन सिस्टर्स ईशा-मीशा डांस ग्रुप

Media Interaction
Raj Dharm UP Uttar Pradesh

RSS मीडिया संवाद में UGC मुद्दे पर हंगामा, कार्यक्रम बीच में ही समाप्त

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दे पर तीखे सवालों ने माहौल गर्मा दिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कार्यक्रम को बीच में ही समाप्त करना पड़ा। कार्यक्रम में […]

Read More
Rajni Tiwari
homeslider Raj Dharm UP

डबल इंजन सरकार की योजनाओं से महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर: मंत्री रजनी तिवारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने गुरुवार को 18वीं विधानसभा के वर्ष 2026 के द्वितीय विशेष सत्र में “महिला सशक्तिकरण पर अनवरत चर्चा” विषय पर अपने विचार रखते हुए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सदन में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते […]

Read More
Untitled 9 copy
homeslider Raj Dharm UP Uttar Pradesh

CM योगी आदित्यनाथ की बड़ी पहल, OBC बेटियों की शादी में सहारा बनी सरकार

आर्थिक कमजोर परिवार की बेटियों के लिए उम्मीद की किरण बनी शादी अनुदान योजना वर्ष 2025-26 में 1 लाख से ज्यादा बेटियों को मिली सरकार से आर्थिक मदद विकलांग, विधवा, आपदा पीड़ित और भूमिहीनों को प्राथमिकता शादी योजना के तहत 20 हजार रुपये की सहायता, एक लाख सालाना आय वाले परिवार ही पात्र लखनऊ। उत्तर […]

Read More