ज्योतिष शास्त्र में केले का महत्व

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आचार्य डॉ धनंजय मणि त्रिपाठी

केला जितना हमारे स्वास्थ के लिए अच्छा माना जाता है। वैसे ही ज्योतिष शास्त्र में भी इसका विशेष महत्व है। वहीं हिंदू धर्म में भी पेंड़-पौधे को देव के समान माना गया है। केले का पौधा एक मात्र ऐसा पौधा है, जिसे हिंदू धर्म में बहुत पवित्र और पूजनीय माना गया है। सत्यनारायण व्रत कथा हो या बृहस्पति व्रत पूजा में केले का पौधा बहुत जरूरी माना गया है। वहीं प्राचीन काल से ही इस पेड़ की पूजा गुरुवार के दिन ही की जाती है। सनातन धर्म में केले के पेड़ में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का वास होता है। केला बेहद अद्भुत और विशेष फल है। यह औषधीय फल माना जाता है। इसे कच्चा भी खाया जाता है। बता दें, पका हुआ केला बृहस्पति ग्रह से संबंध रखता है और कच्चा फल बुध से संबंधित माना जाता है। केले की मिठास का संबंध मंगल ग्रह से है। केले के रंग का संबंध बृहस्पति से है। केला जितना घुलता है, उतना ही मंगल के नजदीक होता है।

केले का बुद्ध ग्रह से संबंध

अगर आप बुद्ध ग्रह को मजबूत करना चाहते हैं, तो बुधवार (बुधवार मंत्र) के दिन कच्चे केला का सेवन करें। इससे आपको लाभ हो सकता है और स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।

केले का गुरुवार से संबंध

हिंदू धर्म में बृहस्पति व्रत कथा और पूजन बिना केले के पूरी नहीं मानी जाती है। गुरुवार के दिन श्रद्धालुओं को केले का पूजन जरूर करना चाहिए। इससे सभी देवी-देवता प्रसन्न हो सकते हैं और शुभ परिणाम भी मिलने लग जाते हैं। केले के हर हिस्से को बेहद पवित्र और शुद्ध माना गया है। इसलिए पूजा-पाठ और अनुष्ठानों में इसके फल, पत्ते और पौधे का उपयोग किया जाता है। गुरुवार के दिन अगर कोई व्यक्ति केले तके पेड़ के साथ गुरुवार व्रत कथा कहता है, तो उसकी सभी मनोकामना पूरी हो सकती है और विष्णु जी (भगवान विष्णु मंत्र) की कृपा भी बनी रहती है। ग्रहदोष से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो गुरुवार के दिन केले के पेड़ की जड़ में पानी डालें और बच्चों को केला दान करे। ऐसा करने से आपके जीवन में आ रही सभी परेशानियां दूर हो जाएंगी और वैवाहिक जीवन भी सुखमय बना रहेगा।

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केले के ज्योतिष महत्व के बारे में विस्तार से जानें

  •  गुरु भगवान को केले का भोग विशेष रूप से चढ़ाया जाता है।
  •  तीज-त्यौहारों और विवाह समारोह में सजावट के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
  • केले के पेड़ का तना सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक है। इसलिए गणपति पूजनमें कई जगह इसके पत्ते को गणेश जी में चढ़ाया जाता है।
  • भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी के पूजन में केले के फल को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है।
  • सभी धार्मिक और वैदिक अनुष्ठानों में केले के फल और पत्ते का उपयोग किया जाता है।
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