- ऐसी वारदातों के मामले पुलिस के पास कोई ठोस योजना नहीं
- पुलिस की असफलता का ठीकरा कभी भी फूट सकता है सरकार के सिर
ए अहमद सौदागर/ लखनऊ
- आठ जुलाई 2025 को सीतापुर जिले के महमूदाबाद थाना क्षेत्र स्थित बिलासपुर निवासी शमसुद्दीन की छह वर्षीय मासूम बेटी आयशा का किसी पेशेवर अपराधी नहीं उसी की सगी मौसी इंदिरा नगर के चांदन गांव निवासी रूबीना ने पीट-पीटकर मौत की नींद सुला दिया।
- दूसरी घटना 17 जुलाई 2025 को अपने प्रेमी की चाहत में कैसरबाग क्षेत्र स्थित खंदारी बाजार में रहने वाली रोशनी खान ने पूर्व पति को फंसाने के अपनी छह वर्षीय मासूम बेटी सोना की गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया।
हाल ही में घटी राजधानी लखनऊ के ये दो वारदातें सिर्फ बानगी भर हैं। इससे पहले भी कई बार अलग-अलग मामलों में अपने ही कातिल साबित हुए। हालात ये हैं कि लोगों को अपराधियों से अधिक अब अपनों से डर लगने लगा है। इस तर्ज पर हो रही घटनाओं में पुलिस की भूमिका भी रिपोर्ट दर्ज करने और हत्यारों को गिरफ्तार करने तक सीमित है।
पुलिस के पास इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।
राजनीति के जानकारों का कहना है कि राजधानी पुलिस लगातार फेल हो रही है। चलती गाड़ी में चार साल की मासूम के साथ दरिंदगी का मामला जब जिन्न की तरह पूरे देश की सोशल मीडिया में नाच गया तो वो दिन दूर नहीं, जब सरकार को जनता के आक्रोश का नुकसान उठाना पड़ सकता है।
शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों में कुछ महीने पहले हुई कुछ सनसनीखेज वारदात को छोड़ ज्यादातर में करीबी ही अपनों के कातिल के रूप में सामने आए हैं। अपराध के रास्ते पर चल कर अमीर बनने की ललक या फिर प्रेमी की चाहत में लोग अपनों को ही निशाना बना रहे हैं।
इंदिरा नगर क्षेत्र स्थित चांदन गांव में रहने वाली रूबीना ने अपनी बहन की बेटी आयशा को सीतापुर जिले के महमूदाबाद थाना क्षेत्र स्थित बिलासपुर से अरबी बढ़ाने के लिए अपने पास लाई, लेकिन उन्हें क्या मालूम कि जिस रूबीना को अपना समझकर अपनी मासूम बच्ची को उसके पास भेजा और वही उसकी जान की दुश्मन बन जाएगी।
कैसरबाग क्षेत्र स्थित खंदारी बाजार में रहने वाली रोशनी खान ने अपने पूर्व पति को फंसाने के लिए अपनी ही मासूम बच्ची को मौत की नींद सुला दिया। फिलहाल यह तो महज बानगी भर है इससे पहले भी कई कलयुगी अपनों का खून बहाकर रिश्ते को कलंकित कर चुके हैं।
