पर्चियां भेजकर जेलों से अफसर मंगा रहे बांसमती चावल!

  • खानपान की वस्तुओं के साथ मंगाई जा रही महंगी विलासिता की वस्तुएं
  • आईजी जेल से हुई शिकायत से हुआ मामले का खुलासा
  • राकेश यादव

लखनऊ। कारागार मुख्यालय के उच्चाधिकारी जेल की सब्जी और दूध के साथ अब घरों के लिए होम एप्लायंस के साथ विलासिता की अन्य सामग्री भी मंगाने लगे हैं। इस गड़बड़ झाले को खुलासा महानिरीक्षक जेल को भेजी गई एक शिकायत से हुआ है। मामला वरिष्ठ अधिकारी से जुड़ा होने की वजह से मुख्यालय के अधिकारियों ने शिकायत को आईजी जेल के समक्ष प्रस्तुत करने के बजाए फाइलों में दबा दिया है। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो दूध का दूध पानी सामने आ जाएगा। उधर डीआईजी मुख्यालय इस मसले पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।

मिली जानकारी के मुताबिक जेलों में उत्पादित होने वाली सब्जी की डाली (सीजनल सब्जी, आलू प्याज व अन्य सब्जियां) मुख्यालय और जेल अधिकारियों के घरों पर पहुंचाए जाने की परंपरा काफी पुरानी है।जेलों में गौशालाएं खुलने के बाद घरों में दूध भी भेजवाया जाने लगा है। कुछ अधिकारी तो मंगाए जाने वाले दूध का भुगतान करते है तो कुछ मुफ्त में ही दूध का इस्तेमाल कर रहे हैं।

सूत्रों का कहना है पिछले तीन चार साल से मुख्यालय के आला अफसरों ने जेलों से खानपान की वस्तुओं के साथ होम एप्लायंस समेत विलासिता की वस्तुओं को भी मांगना शुरू कर दिया है। इसकी शिकायत गोमतीनगर के एक समाजसेवी ने आईजी जेल पीवी रामाशास्त्री से की है। शिकायतकर्ता ने इसकी जांच कराकर दोषी बाबू के खिलाफ कार्यवाही किए जाने की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एआईजी कारागार (प्रशासन) का स्टेनो लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, खीरी, कानपुर, रायबरेली, उन्नाव और कानपुर जिला जेल में पर्चियां भेजकर बांसमति चावल, सेव, अन्नानास, लीची, अमरूद, कीवी, केला इत्यादि फलों के साथ विलासिता की वस्तुएं मांगकर जेल अधिकारियों को उल्टे सीधे काम करने के लिए विवश कर रहे है। यही नहीं विभाग के नजारत अनुभाग से निजी इस्तेमाल के लिए लैपटॉप, कंप्यूटर इत्यादि इशु कराए गए हैं। शिकायत में मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने की मांग की गई है। उधर मामला एआईजी प्रशासन से जुड़ा होने की वजह से विभाग के अधिकारी इस मसले पर कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।

सेवानिवृत अधिकारी पी रहे जेल गोशाला का दूध

कारागार विभाग के कई सेवानिवृत अधिकारी आज भी राजधानी की आदर्श कारागार की गोशाला को दूध पी रहे हैं। सूत्रों का कहना है करीब चार साल पहले एआईजी कारागार के पद सेवानिवृत हुए अधिकारी के यहां आज भी जेल से ही दूध भेजा जा रहा है। इसी प्रकार एक सेवानिवृत डीआईजी के आवास पर भी आदर्श कारागार से दूध जाता है। विभाग के एक सेवानिवृत अधीक्षक के घर पर भी दूध, पाव और ब्रेड जाती है। इस संबंध में जब जेलर आदर्श कारागार से बात की गई तो उन्होंने सेवानिवृत अधिकारियों के घरों पर दूध जाने की बात स्वीकार करते हुए बताया कि वह लिए गए दूध का भुगतान करते है। उन्होंने बताया गौशाला का दूध बेचा जाता है। इसको सेवानिवृत अधिकारियों के साथ अन्य कर्मचारी और अधिकारी भी ले जाते हैं।

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