हिन्दू धर्म में पूर्णिमा का महत्व

जयपुर से राजेंद्र गुप्ता 

हिंदू पंचांग के अनुसार साल का आठवां महीना कार्तिक महीना होता है। कार्तिक मास के शुक्ल, पक्ष की पूर्णिमा कार्तिक पूर्णिमा कहलाती है। प्रत्येक वर्ष पंद्रह पूर्णिमाएं होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है तब इनकी संख्या बढ़कर सोलह हो जाती है। सृष्टि के आरंभ से ही यह तिथि बड़ी ही खास रही है। पुराणों में इस दिन स्नान,व्रत व तप की दृष्टि से मोक्ष प्रदान करने वाला बताया गया है।

इसका महत्व सिर्फ वैष्णव भक्तों के लिए ही नहीं शैव भक्तों और सिख धर्म के लिए भी बहुत ज्यादा है। विष्णु के भक्तों के लिए यह दिन इसलिए खास है क्योंकि भगवान विष्णु का पहला अवतार इसी दिन हुआ था। प्रथम अवतार में भगवान विष्णु मत्स्य यानी मछली के रूप में थे। भगवान को यह अवतार वेदों की रक्षा,प्रलय के अंत तक सप्तऋषियों,अनाजों एवं राजा सत्यव्रत की रक्षा के लिए लेना पड़ा था। इससे सृष्टि का निर्माण कार्य फिर से आसान हुआ।

कंस वध और उग्रसेन को मिली राजगद्दी

शिव भक्तों के अनुसार इसी दिन भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक महाभयानक असुर का संहार कर दिया जिससे वह त्रिपुरारी के रूप में पूजित हुए। इससे देवगण बहुत प्रसन्न हुए और भगवान विष्णु ने शिव जी को त्रिपुरारी नाम दिया जो शिव के अनेक नामों में से एक है। इसलिए इसे ‘त्रिपुरी पूर्णिमा’ भी कहते हैं। इसी तरह सिख धर्म में कार्तिक पूर्णिमा के दिन को प्रकाशोत्सव के रूप में मनाया जाता है। क्योंकि इसी दिन सिख सम्प्रदाय के संस्थापक गुरु नानक देव का जन्म हुआ था। इस दिन सिख सम्प्रदाय के अनुयाई सुबह स्नान कर गुरुद्वारों में जाकर गुरुवाणी सुनते हैं और नानक जी के बताए रास्ते पर चलने की सौगंध लेते हैं। इसे गुरु पर्व भी कहा जाता है।

सपने में दुल्हन देखने के क्या होते हैं शुभ-अशुभ संकेत?

इस तरह यह दिन एक नहीं बल्कि कई वजहों से खास है। इस दिन गंगा-स्नान,दीपदान,अन्य दानों आदि का विशेष महत्त्व है। इस दिन क्षीरसागर दान का अनंत महत्व है,क्षीरसागर का दान 24 अंगुल के बर्तन में दूध भरकर उसमें स्वर्ण या रजत की मछली छोड़कर किया जाता है। यह उत्सव दीपावली की भांति दीप जलाकर सायंकाल में मनाया जाता है। ऐसा भी माना जाता है कि इस दिन कृतिका में शिव शंकर के दर्शन करने से सात जन्म तक व्यक्ति ज्ञानी और धनवान होता है। इस दिन चन्द्र जब आकाश में उदित हो रहा हो उस समय शिवा, संभूति, संतति, प्रीति, अनुसूया और क्षमा इन छह कृतिकाओं का पूजन करने से शिव जी की प्रसन्नता प्राप्त होती है।

Religion

यदि विवाह में आ रही है बाधा तो करें ये आसान सा उपाय, इन ग्रहों के कारण नहीं हो पाती है शादी

कुछ ग्रहों का यह प्रभाव नहीं होने देता है विवाह, अगर हो भी जाए तो कर देता है तहस-नहस लखनऊ। विवाह बाधा योग लड़के, लड़कियों की कुंडलियों में समान रूप से लागू होते हैं, अंतर केवल इतना है कि लड़कियों की कुंडली में गुरू की स्थिति पर विचार तथा लड़कों की कुंडलियों में शुक्र की […]

Read More
Religion

माघ पूर्णिमा व्रत के दिन शोभन और रवि योग बन रहे हैं,

जयपुर से राजेंद्र गुप्ता इस साल माघ पूर्णिमा का व्रत और स्नान-दान अलग-अलग दिन है। माघ पूर्णिमा का व्रत पहले होगा और माघ पूर्णिमा का स्नान-दान उसके बाद के दिन होगा। दरअसल, पूर्णिमा के व्रत में चंद्रमा की पूजा और अर्घ्य देने की मान्यता है, उसके बिना व्रत पूर्ण नहीं होता है। वहीं पूर्णिमा का […]

Read More
Religion

विश्वकर्मा जयंती आज है जानिए पूजन विधि और महत्व व इतिहास

जयपुर से राजेंद्र गुप्ता विश्वकर्मा जयंती एक महत्वपूर्ण हिंदू त्यौहार है जो भगवान विश्वकर्मा के सम्मान में मनाया जाता है जिन्हें वास्तुकार एवं शिल्पकार माना जाता है। यह त्यौहार मुख्य रूप से कारीगर, मजदूर, इंजीनियर,वास्तुकार, यांत्रिक और कारखाना के श्रमिकों सहित विभिन्न प्रकार के शिल्प कौशल से जुड़े लोगों के द्वारा मनाया जाता है। यह […]

Read More