सहारनपुर मस्जिद गिराने पर हाईकोर्ट ने सरकार से किया जवाब तलब

Saharanpur

Saharanpur: सहारनपुर में कलक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की। कोर्ट ने मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा है। साथ ही मस्जिद प्रबंधन पर लगाए गए छह करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने की वसूली पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी गई है। मामले की अगली सुनवाई अब 12 अक्टूबर को होगी।

मस्जिद कमेटी की ओर से मुतवल्ली तनवीर अहमद ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती दी थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मस्जिद को बिना उचित नोटिस और सक्षम प्राधिकारी के आदेश के ध्वस्त किया गया। याचिकाकर्ता ने प्रशासन की कार्रवाई की प्रक्रिया और उसके कानूनी आधार पर भी सवाल उठाए हैं।

ये भी पढें

बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, 15 जिलों के 47 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

छह करोड़ से अधिक के जुर्माने पर रोक

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की अदालत में हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है। इसके साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से मस्जिद कमेटी से 6.41 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यह रोक अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगी। कोर्ट के इस आदेश से मस्जिद प्रबंधन को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। हालांकि, मामले के अंतिम कानूनी निष्कर्ष पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

प्रशासन की कार्रवाई पर उठाए गए सवाल

मस्जिद कमेटी की याचिका में दावा किया गया है कि ध्वस्तीकरण से पहले संबंधित पक्ष को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रशासन की ओर से ऐसा सक्षम आदेश प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसके आधार पर तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सके।

ये भी पढें

बुंदेलखंड के खूंखार डाकू की कहानी, अरशद वारसी और प्रतीक गांधी ने जीता दिल

 

याचिकाकर्ता ने प्रक्रिया से जुड़े कई अन्य मुद्दे भी कोर्ट के सामने रखे हैं। इनमें बिजली का बिल स्वीकार नहीं किए जाने, गवाहों की पूरी गवाही दर्ज नहीं होने और मामले की फाइल को अंतिम बहस के लिए लगाने के बाद निर्णय किए जाने जैसे बिंदु शामिल हैं।

वर्शिप एक्ट और PP एक्ट का भी हवाला

मस्जिद कमेटी ने अपनी याचिका में वर्शिप एक्ट के कथित उल्लंघन का भी मुद्दा उठाया है। इसके अलावा पब्लिक प्रिमाइसेज (एविक्शन ऑफ अनऑथराइज्ड ऑक्यूपेंट्स) एक्ट के तहत हुई कार्रवाई की वैधता पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। याचिका में तर्क दिया गया है कि इस कानून के तहत किसी संपत्ति से जुड़े विवाद में कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को अपनी दलील और अधिकार प्रस्तुत करने का उचित अवसर मिलना चाहिए।

पहले सिटी मजिस्ट्रेट ने लगाया था जुर्माना

मामले में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए मस्जिद प्रबंधन पर करीब 6.41 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया था। इसके बाद मस्जिद प्रबंधन ने प्रशासनिक कार्रवाई को चुनौती देने के लिए न्यायिक रास्ता अपनाया। जिला जज की अदालत में अपील खारिज होने के बाद मस्जिद के मुतवल्ली की ओर से आठ सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की गई। शुक्रवार को इसी याचिका पर सुनवाई हुई।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, 15 जिलों के 47 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

बुंदेलखंड के खूंखार डाकू की कहानी, अरशद वारसी और प्रतीक गांधी ने जीता दिल

अमावस्या-पूर्णिमा पर राजघाट नरौरा जाना होगा सरल, अलीगढ़ से चलेगी ट्रेन

‘बिग बॉस 20’ को मिला पहला कैप्टन, कनिका मान की बढ़ाई मुश्किलें

 

 

One thought on “सहारनपुर मस्जिद गिराने पर हाईकोर्ट ने सरकार से किया जवाब तलब”

Comments are closed.

Crime News Uttar Pradesh

करवाचौथ पर मेहंदी लगवाने नहीं गया पति, नाराज पत्नी ने खाया जहर, इलाज के दौरान मौत

Kanpur: करवाचौथ की तैयारियों के बीच कानपुर में एक दर्दनाक घटना सामने आई। पति के साथ मेहंदी लगवाने जाने की जिद पूरी न होने पर पत्नी से विवाद हो गया। इससे नाराज पत्नी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर पति उसे लेकर हैलट अस्पताल पहुंचा, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। […]

Read More
Education Politics Uttar Pradesh

यूपी में योगी सरकार का बड़ा फैसला, इन लोगों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी!

Lucknow: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अहम खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में सीधी भर्ती के लिए चरित्र सत्यापन (कैरेक्टर वेरिफिकेशन) से जुड़े नियमों को सख्त कर दिया है। नए दिशानिर्देशों के तहत हिंसक तरीकों से सत्ता परिवर्तन की मांग […]

Read More
Karwa Chauth
homeslider Lifestyle

करवा चौथ: आखिर त्याग और समर्पण की जिम्मेदारी हमेशा महिलाओं पर ही क्यों?

करवा चौथ का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। महिलाएं सजती-संवरती हैं, पूजा की तैयारियां करती हैं और चांद निकलने का इंतजार करती हैं। कई महिलाओं के लिए यह दिन प्रेम, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। लेकिन इस खूबसूरत परंपरा के बीच एक सवाल भी उठता है—रिश्तों की सलामती के […]

Read More