
Ayodhya: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सनातन समाज से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने देश के विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 में समाज भाषा और जाति के आधार पर बंटा हुआ था और इसी वजह से बड़ी त्रासदी का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में संभल की घटनाओं, अयोध्या के विकास और विपक्ष की राजनीति को लेकर भी तीखी टिप्पणियां कीं।
योगी ने कहा कि स्वतंत्रता के समय भारत के पास शक्ति, बुद्धि और संसाधनों की कमी नहीं थी, लेकिन समाज के भीतर विभाजन था। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन का असर केवल हिंदू और सिख समाज पर नहीं पड़ा, बल्कि भारत की एकता भी प्रभावित हुई।
संभल हिंसा को लेकर सीएम योगी का दावा
संभल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वहां हुई हिंसा के दौरान हिंदू और पुलिसकर्मी निशाने पर थे। उन्होंने कहा कि हरिहर मंदिर से जुड़े मामले में अदालत के सर्वे के आदेश के बाद उपद्रव की स्थिति पैदा हुई थी। योगी ने दावा किया कि प्रशासन की कार्रवाई के बाद स्थिति नियंत्रण में आई और अब संभल में कई पुराने धार्मिक स्थलों और तीर्थ स्थलों को सामने लाने का काम हो रहा है।
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मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में संभल के इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अतीत में वहां की घटनाओं का यदि संगठित तरीके से विरोध किया गया होता तो अयोध्या में राम जन्मभूमि से जुड़ी घटनाओं को लेकर भी परिस्थितियां अलग हो सकती थीं।
अयोध्या के बदलते स्वरूप का किया जिक्र
आदित्यनाथ ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले शहर में बिजली, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर कई समस्याएं थीं। अब अयोध्या में बड़े स्तर पर बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है।
मुख्यमंत्री ने रामायण के पात्रों का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर राजनीतिक कटाक्ष भी किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग पहले राम मंदिर आंदोलन का विरोध करते थे, वही अब रामभक्ति की बात कर रहे हैं। योगी ने कहा कि जनता को ऐसे राजनीतिक बदलावों को समझने की जरूरत है।
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राम मंदिर से जुड़े मामले पर भी बोले
राम मंदिर परिसर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला सामने आने के बाद जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित ट्रस्ट इस मामले में कार्रवाई को लेकर गंभीर हैं।
विभाजन और पाकिस्तान-बांग्लादेश का जिक्र
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि आज भी वहां हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं सामने आती हैं और भारत में कुछ लोग इन घटनाओं पर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं देते।
उन्होंने 1947 के विभाजन को लेकर कहा कि उस दौर में राजनीतिक नेतृत्व के स्तर पर लिए गए फैसलों के कारण देश को भारी मानवीय कीमत चुकानी पड़ी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि उस समय सरदार पटेल जैसी नेतृत्व क्षमता वाला प्रधानमंत्री होता तो परिस्थितियां अलग हो सकती थीं।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर देश को जाति और भाषा के नाम पर बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने अनुच्छेद 370, नक्सलवाद और राष्ट्रीय एकता जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि देश को विभाजित करने वाली राजनीति से सावधान रहने की जरूरत है।
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