
The Problem of Stray Animals : एक ओर जहां यह शहर सरकार को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व दे रहा है, वहीं दूसरी ओर इसकी सड़कों पर बेसहारा पशुओं की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। करीब चार हजार करोड़ रुपये GST कलेक्शन और लगभग 100 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स देने वाले इस शहर में आवारा पशुओं का आतंक लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। हालात ऐसे हैं कि कई प्रमुख सड़कों पर वाहन चलाना भी जोखिम भरा हो गया है।
शहर की लगभग हर सड़क पर चार से पांच बेसहारा पशु बैठे नजर आ जाते हैं। कई बार ये पशु सड़क के बीचों-बीच बैठ जाते हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की ओर से कई बार अभियान चलाने के दावे किए गए, लेकिन जमीन पर स्थिति में ज्यादा बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।
नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा ने कुछ दिन पहले बेसहारा पशुओं की जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया था। लोगों से अपील की गई थी कि वे सड़कों पर घूम रहे पशुओं की सूचना निगम को दें, ताकि उन्हें हटाया जा सके। हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि जिन पशुओं को पकड़ने के लिए निगम आम जनता की मदद मांग रहा है, उनमें से कई पशु निगम मुख्यालय के आसपास ही खुलेआम घूम रहे हैं।
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इससे पहले स्वास्थ्य शाखा अधिकारी की ओर से बेसहारा पशुओं को लेकर सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की बात कही गई थी। लेकिन अभी तक इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
मंत्री के आदेश के बाद भी नहीं बदली स्थिति
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने पद संभालने के बाद शहर की सड़कों को बेसहारा पशुओं से मुक्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नगर निगम ने अभियान भी शुरू किया था, लेकिन समय बीतने के साथ यह अभियान धीमा पड़ गया। फिलहाल नगर निगम की स्वास्थ्य शाखा की दो टीमें बेसहारा पशुओं को पकड़ने का काम कर रही हैं। इन टीमों में करीब 20 कर्मचारी तैनात हैं। हालांकि शहर में पशुओं की संख्या को देखते हुए यह व्यवस्था काफी कम नजर आ रही है। निगम की ओर से आने वाले समय में टीमों की संख्या बढ़ाकर नौ करने की योजना बताई जा रही है।
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आवारा पशुओं से हो चुके हैं कई हादसे
सड़कों पर घूमते पशु पहले भी कई गंभीर हादसों की वजह बन चुके हैं। अगस्त 2024 में भारत कॉलोनी इलाके में सड़क पर लड़ रहे दो आवारा पशुओं की वजह से एक मोटरसाइकिल सवार की टक्कर हो गई थी, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। इसी तरह सेक्टर-8 बाईपास रोड पर अचानक सड़क पर आए आवारा पशु के कारण दो वाहनों की टक्कर हो गई थी। इस हादसे में दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे और एक कार का एयरबैग खुल गया था, जिससे उसमें बैठे लोग घायल हुए थे।
शहर की स्थिति एक नजर में
शहर की आबादी करीब 27 लाख है। यहां लगभग 25 हजार औद्योगिक इकाइयां मौजूद हैं और यह क्षेत्र सरकार को हजारों करोड़ रुपये का राजस्व देता है। इसके बावजूद बेसहारा पशुओं की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक शहर में 12 हजार से अधिक बेसहारा पशु मौजूद हैं। निगम की ओर से कुछ पशुओं को तीन गौशालाओं में रखा जा रहा है। इसके अलावा निगम दो नई गौशालाएं शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
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