बड़े चेहरों-जातीय संतुलन से सजी यूपी BJP की नई टीम

UP BJP New Team

 

संजय सक्सेना
संजय सक्सेना

UP BJP New Team : उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश साफ दिख रही है। पार्टी ने जिस तरह ब्राह्मण, पिछड़ा, दलित और अलग-अलग इलाकों से जुड़े चेहरों को जगह दी है, उससे यह संदेश दिया जा रहा है कि संगठन केवल एक वर्ग या एक क्षेत्र के सहारे नहीं चलेगा, बल्कि हर बड़े सामाजिक समूह को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति बनाई जा रही है। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी तेज है कि नई टीम के गठन में प्रदेश अध्यक्ष से ज्यादा राष्ट्रीय नेतृत्व के भरोसेमंद रणनीतिकार सुनील बंसल की छाप नजर आती है। यही वजह है कि इसे सिर्फ संगठनात्मक फेरबदल नहीं, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करने की कवायद भी माना जा रहा है।

भाजपा जानती है कि उत्तर प्रदेश में जीत सिर्फ नारे से नहीं, बल्कि जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन और बूथ स्तर की पकड़ से तय होती है।जनसाधारण के नजरिये से देखें तो पार्टी ने ब्राह्मणों की नाराजगी को भी गंभीरता से लेने की कोशिश की है। नई टीम में इस वर्ग को अपेक्षाकृत अच्छी जगह देकर भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि वह किसी एक सामाजिक आधार को कमजोर नहीं होने देगी। इससे यह भी माना जा रहा है कि पार्टी पुराने भरोसेमंद मतदाताओं को फिर से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है, क्योंकि चुनाव के समय संगठन का यह संतुलन बहुत मायने रखता है।सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं में यह बात भी उठ रही है कि सुनील बंसल की भूमिका अब भी उतनी ही अहम है

जितनी पहले थी। वे उत्तर प्रदेश की राजनीतिक नब्ज को गहराई से समझते हैं और 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में उनकी रणनीति की बड़ी भूमिका मानी गई थी। इसीलिए नई टीम को देखकर बहुत से लोग इसे उसी पुराने संगठनात्मक मॉडल की वापसी के रूप में देख रहे हैं, जिसमें नीचे तक पकड़, सामाजिक गणित और लगातार संवाद सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसी संदर्भ में संदीप बंसल का नाम भी चर्चा में आ रहा है। राजनीतिक समझ रखने वाले लोग मान रहे हैं कि आने वाले चुनाव में वे भी प्रदेश की राजनीति में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

इसका कारण यह है कि भाजपा अब ऐसे चेहरों को आगे बढ़ाने की तैयारी में दिख रही है जो संगठन, वर्ग-संतुलन और चुनावी प्रबंधन तीनों में काम आ सकें। यदि यह प्रवृत्ति आगे बढ़ी, तो संदीप बंसल जैसे नेताओं की उपयोगिता और बढ़ सकती है।नई टीम की सबसे बड़ी खासियत यही मानी जा रही है कि उसमें केवल चेहरों का नहीं, बल्कि संदेशों का भी संतुलन साधा गया है। एक तरफ पार्टी यह दिखाना चाहती है कि वह सभी बड़े समाजों को साथ लेकर चल रही है, दूसरी तरफ यह भरोसा भी देना चाहती है कि चुनावी प्रबंधन पहले की तरह मजबूत हाथों में है। जनता के बीच भी यही धारणा बनती है कि भाजपा संगठन को हल्के में नहीं लेती और हर बड़े चुनाव से पहले अपनी व्यवस्था को फिर से कसती है।
खैर, उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को खास तौर पर साधने की कोशिश दिखाई दी है।

पार्टी ने 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 8 प्रदेश महामंत्री और 19 प्रदेश मंत्रियों के साथ पूरी कार्यकारिणी को नए सिरे से सजा दिया है, जिसमें ब्राह्मण, पिछड़ा, दलित, पूर्वांचल, पश्चिमी यूपी और अवध-कानपुर जैसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व ध्यान से रखा गया है. प्रदेश उपाध्यक्षों की सूची में सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर सिंह, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, डॉ. कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई है.

इनमें सुरेश राणा, सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर सिंह, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मोहित बेनीवाल, देवेश कोरी, प्रियंका रावत, दुर्विजय शाक्य, रमेश सिंह, नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, पूजा पाल, शंकर गिरी, कामेश्वर सिंह, डॉ. कृतिका अग्रवाल, सुरेश मौर्य, राजेश यादव, कृष्ण बिहारी राय और आलोक गुप्ता जैसे नाम अलग-अलग सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि का संदेश देते हैं. प्रदेश महामंत्रियों में रामप्रताप सिंह चौहान, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, संजय राय, शंकर लोधी, दिलीप पटेल और राजेश चौधरी को जगह मिली है. इन नामों के जरिए पार्टी ने ओबीसी, दलित, ब्राह्मण और क्षेत्रीय संतुलन को साधने की कोशिश की है. यह भी संकेत मिलता है कि संगठन में केवल पुराने चेहरों पर भरोसा नहीं किया गया, बल्कि चुनावी प्रबंधन में काम आ सकने वाले मिश्रित नेतृत्व को प्राथमिकता दी गई है.

प्रदेश मंत्रियों की सूची भी इसी सामाजिक गणित को आगे बढ़ाती है, जो नाम प्रमुखता से सामने आए हैं, उनमें शंकर गिरी, डॉ. चंद्रमोहन सिंह, मीना चौबे, अंजुला सिंह माहौर, विजय शिवहरे, शंकर लोधी, शकुंतला चौहान, अनामिका चौधरी, पूनम बजाज, अर्चना मिश्रा, अमित बाल्मीकि, बसंत त्यागी, शिवभूषण सिंह, सुरेश पासी, अभिजात मिश्रा और डीपी भारती शामिल हैं. इन नियुक्तियों से पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि संगठन में हर बड़े सामाजिक वर्ग को हिस्सेदारी दी जा रही है. क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा भी इस फेरबदल का अहम हिस्सा रही। कुल मिलाकर यह नई टीम केवल पदों का बंटवारा नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करने वाला संगठनात्मक ढांचा मानी जा रही है. पार्टी ने सामाजिक समीकरण, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और चुनावी प्रबंधन तीनों को एक साथ साधने की कोशिश की है.जाति के हिसाब से देखें तो इस सूची में ब्राह्मण, क्षत्रिय, यादव, शाक्य, लोधी, सैनी, पासी, बाल्मीकि, शाक्य, मौर्य, रावत, कोरी, चौहान, जाटव और अन्य पिछड़े-दलित समुदायों की मौजूदगी साफ दिखती है. यही वजह है कि इसे महज संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश वाली टीम माना जा रहा है.

बहरहाल, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में भाजपा के सामने अलग-अलग चुनौतियां हैं। शहरों में विकास, रोजगार और प्रशासनिक छवि मुद्दा बनते हैं, जबकि गांवों में जातीय तालमेल, स्थानीय नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की सक्रियता निर्णायक होती है। नई टीम का गठन इन्हीं दोनों स्तरों पर एक साथ असर डालने की कोशिश लगता है। इसलिए इसमें ऐसे चेहरों को महत्व दिया गया है जो अपने-अपने इलाकों में पकड़ रखते हों और समाज के अलग-अलग हिस्सों को साध सकें।जनमानस में यह भी देखा जाता है कि भाजपा जब किसी नामचीन रणनीतिकार की छाप वाली टीम बनाती है, तो उसका मतलब केवल पदों का बंटवारा नहीं होता, बल्कि आने वाले चुनाव की रूपरेखा भी साथ-साथ बनती है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यह फार्मूला कई बार कारगर रहा है।

यहाँ संगठन की मजबूती, जातीय गणित और नेतृत्व का भरोसा, तीनों मिलकर चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं। इसीलिए नई टीम को लेकर उम्मीद और चर्चा, दोनों एक साथ चल रही हैं। लब्बोलुआब यह है कि भाजपा की नई प्रदेश टीम को जनता इस नजर से देख रही है कि क्या यह टीम वास्तव में सभी वर्गों को साथ लेकर चलेगी, क्या ब्राह्मणों और अन्य नाराज तबकों का भरोसा वापस जीत पाएगी, और क्या सुनील बंसल की रणनीतिक छाप एक बार फिर पार्टी को लाभ दिला सकेगी। अभी इतना साफ है कि पार्टी ने संदेश बहुत सोच-समझकर दिया है और आने वाले महीनों में इसी टीम की परीक्षा जमीन पर होगी।


नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

खबरों में अपडेट रहना हमारी आदत है और सबसे आगे रहना मेरा जुनून। अब नया लुक ऐप भी ले आया है। आप सभी से अनुरोध है कि आप इसे अपना प्यार, दुलार और आशीर्वाद दें। आप सभी से निवेदन है कि मेरा न्यूज ऐप अपने अपने फोन में इंस्टॉल कर लीजिए। मैं आप सभी का आभारी रहूंगा…. https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढ़े’

UP BJP की नई टीम घोषित, पूर्व मंत्री सुरेश राणा समेत 19 उपाध्यक्ष बने

भारत-कोरिया साझेदारी को नई धार, सेमीकंडक्टर और AI में बढ़ेगा सहयोग

AI से ITR फाइल करना पड़ सकता है भारी, रिफंड रोक सकता है टैक्स विभाग

ATF कीमतें घटीं तो घट सकते हैं फ्लाइट किराए, सरकार ने कही बड़ी बात

 

 

 

 

 

 

Spread the love

6 thoughts on “बड़े चेहरों-जातीय संतुलन से सजी यूपी BJP की नई टीम

Comments are closed.

IMO Gulf Evacuation
Politics

IMO निकालेगा 11 हजार नाविक, परमाणु निरीक्षण पर अमेरिका-ईरान में मतभेद

IAEA जांच को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच मतभेद बरकरार नया लुक डेस्क/ (वार्ता) IMO Gulf Evacuation : संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच हुए युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों को निकालने की तैयारी कर रहा है। IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने कहा […]

Spread the love
Read More
Land Purchase Verification
Politics

मध्य प्रदेश की सियासत में जमीन विवाद, कांग्रेस ने मोहन यादव सरकार को घेरा

सिंहस्थ परियोजनाओं से पहले जमीन खरीद का आरोप मुख्यमंत्री परिवार की जमीन खरीद और विकास परियोजनाओं के संबंधों की जांच हो: कांग्रेस Land Purchase Verification :  कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर उज्जैन में जमीन खरीद में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले में श्वेत पत्र […]

Spread the love
Read More
Washington
Politics

अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा बयान, कहा- तेल बेचकर युद्ध में हुए नुकसान का 28 गुना ज्यादा वसूल किया

वेनेजुएला के तेल से युद्ध की लागत की कई गुना भरपाई कर चुका अमेरिका स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के बंद होने की कीमत दुनिया से वसूल रहा अमेरिका नया लुक डेस्क Washington : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनका देश वेनेजुएला के तेल संसाधनों के जरिए वहां हुए सैन्य अभियान की […]

Spread the love
Read More