
सिंहस्थ परियोजनाओं से पहले जमीन खरीद का आरोप
मुख्यमंत्री परिवार की जमीन खरीद और विकास परियोजनाओं के संबंधों की जांच हो: कांग्रेस
Land Purchase Verification : कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर उज्जैन में जमीन खरीद में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इस पूरे मामले में श्वेत पत्र जारी कर प्रकरण की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा तथा मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद श्री यादव के परिवार जो जमीन खरीदी है उसकी बुनियाद में विकास परियोजना खाका का तैयार करने का आरोप लगाया जा रहा है। पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री तथा उनके परिवार की सदस्यों द्वारा खरीदी गई जमीनों और बाद में घोषित विकास परियोजनाओं के बीच संबंधों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पार्टी नेताओं ने कहा कि यादव के परिवार ने उज्जैन में सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद करीब 168 एकड़ भूमि खरीदी है जिसमें से 111 एकड़ जमीन उस क्षेत्र में स्थित है जहां सिंहस्थ कुंभ से जुड़े विकास कार्य प्रस्तावित हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन के जिन इलाकों में 2035 के मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य होने हैं, वहां भी मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा जमीन खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है।
उज्जैन-अयोध्या आस्था के केंद्र, पारदर्शिता जरूरी: कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उज्जैन और अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और इन क्षेत्रों से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री होने के नाते श्री यादव को विकास योजनाओं और उनसे संबंधित फाइलों की जानकारी रहती है, इसलिए इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है। खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में कार्रवाई की उम्मीद नहीं है, लेकिन जनता के सामने तथ्यों को लाना विपक्ष का दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि अयोध्या और उज्जैन से जुड़े मामलों में भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिनका जवाब भाजपा को देना चाहिए।
2023 के बाद खरीदी गई जमीनों का ब्योरा सार्वजनिक करें मुख्यमंत्री: कांग्रेस
पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सार्वजनिक रूप से भाजपा, मोदी और मुख्यमंत्री यादव से सवाल पूछे हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। उनका कहना था कि यदि सब कुछ पारदर्शी है और किसी तरह का घोटाला नहीं हुआ है तो भाजपा को इस पूरी प्रकरण की स्वतंत्र न्यायिक जांच से परहेज नहीं होना चाहिए। कांग्रेस ने नेताओं ने मांग की है कि मुख्यमंत्री यह स्पष्ट करें कि 2023 के बाद उनके परिवार ने कितनी जमीन खरीदी, क्या उन जमीनों का संबंध बाद में घोषित विकास परियोजनाओं वाले क्षेत्रों से है और सरकार क्या इन परियोजनाओं की समय सीमा और प्रक्रिया को सार्वजनिक करेगी। पार्टी ने मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई जमीनों पर श्वेत पत्र जारी करने तथा पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की।
आफत में सीएम का परिवार, विपक्षियों ने अपनाया कड़ा तेवर
मध्य प्रदेश की राजनीति में जमीन खरीद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार पर उज्जैन में विकास परियोजनाओं से जुड़े क्षेत्रों में जमीन खरीदने का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी, जिनमें से कई भूखंड प्रस्तावित विकास परियोजनाओं के आसपास स्थित हैं। कांग्रेस ने इस मामले में न्यायिक जांच और श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को बेबुनियाद और राजनीतिक प्रेरित बताया है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच यह मुद्दा अब मध्य प्रदेश की सियासत में बड़ा राजनीतिक विवाद बनता जा रहा है।
(वार्ता)

