नया लुक डेस्क
ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी नाकाबंदी के बावजूद ईरानी बंदरगाहों से कम से कम तीन जहाजों ने रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में इस दावे के बाद क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद बुधवार को तेहरान में विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के अन्य विवरण का इंतजार है।
ट्रंप ने पीएम मोदी से मांगी मदद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर करीब 40 मिनट बातचीत की। बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित बनाए रखने और मिडिल ईस्ट में शांति बहाली पर चर्चा हुई। पाकिस्तान की मध्यस्थता विफल रहने के बाद अब अमेरिका भारत से उम्मीदें लगाए बैठा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का दावा है कि ईरान से जुड़े सभी व्यापारिक मार्गों को 36 घंटे के भीतर लगभग पूरी तरह रोक दिया गया है। इसके लिए अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर तैनात किए गए हैं, जो ईरानी बंदरगाहों की कड़ी निगरानी कर रहे हैं।
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चीन को चेतावनी
अमेरिकी वित्त मंत्री ने चीन को चेतावनी देते हुए कहा है कि बीजिंग अब ईरान से तेल हासिल नहीं कर पाएगा। यह बयान वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर डाल सकता है। इस बीच इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष थमता नहीं दिख रहा। इजरायली सेना ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हवाई हमले का दावा किया है। अमेरिका में इजरायल के राजदूत ने कहा कि लेबनान को ईरान और हिजबुल्लाह से पूरी तरह अलग होना होगा। ईरान में आम लोग भी सेना के समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं। तेहरान में सुबह 4 बजे से ही लोग नारेबाजी करते दिखे, जो अमेरिकी और इजरायली दबाव के खिलाफ एकजुटता का संकेत है। तनाव के बीच उम्मीद की एक किरण भी है। ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की वार्ता 16 अप्रैल को होने की संभावना जताई जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध “समाप्त होने के कगार पर” है, हालांकि जमीनी हालात इससे उलट नजर आ रहे हैं।
