नया लुक डेस्क
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप को कूटनीतिक मोर्चे पर बड़ा झटका लगा है। ईरान ने साफ तौर पर पाकिस्तान में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने से इनकार कर दिया है, जिससे सीजफायर और बातचीत की कोशिशों को बड़ा धक्का लगा है।
इस्लामाबाद में बातचीत से पीछे हटा ईरान
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान समेत क्षेत्रीय मध्यस्थों को सूचित कर दिया है कि वह इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता में शामिल नहीं होगा। ईरान ने अमेरिका की शर्तों को “अस्वीकार्य” बताते हुए साफ कर दिया कि मौजूदा बातचीत का ढांचा अब खत्म हो चुका है।
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सीजफायर की कोशिशें ठप, नए विकल्प की तलाश
ईरान के इस फैसले के बाद पाकिस्तान और अन्य देशों की मध्यस्थता की कोशिशें लगभग ठप हो गई हैं। अब तुर्की और मिस्र बातचीत को बचाने के लिए नए विकल्प तलाश रहे हैं। कतर और इस्तांबुल संभावित स्थान के रूप में सामने आए हैं, लेकिन कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाने से इनकार कर दिया है, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
ट्रंप का दावा, ईरान ने बताया ‘झूठा’
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका सीजफायर के बदले होर्मुज स्ट्रेट खोलने की शर्त रख रहा है। ट्रंप ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से इस मुद्दे पर बातचीत भी की। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि ईरान ने खुद सीजफायर की मांग की है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस बयान को “झूठा और बेबुनियाद” करार देते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया।
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पाकिस्तान की मध्यस्थता पर लगा झटका
इस पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका अहम रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर लगातार दोनों पक्षों के संपर्क में रहे। विदेश मंत्री इशाक डार ने दावा किया था कि दोनों पक्ष पाकिस्तान पर भरोसा करते हैं, लेकिन इसके बावजूद बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।
जंग जारी, वैश्विक असर गहराया
अमेरिका और इज़रायल की ओर से ईरान पर हमले जारी हैं, जबकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं। हालांकि पाकिस्तान ने कहा है कि वह बातचीत की कोशिशें जारी रखेगा, लेकिन ईरान के सख्त रुख के चलते फिलहाल कूटनीतिक समाधान की राह मुश्किल नजर आ रही है।
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