- संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी बदला चोला
रंजन कुमार सिंह
हिंदू समाज के पैरों तले से जमीन खिसक जाएगी जब उन्हें अपने ही रक्षकों का असली चेहरा दिखेगा। जिस आरएसएस (RSS) को हम हिंदुओं की ढाल समझते थे, उसके भीतर से जो खबरें निकलकर आ रही हैं, वे किसी भी सनातनी का खून खौला देने के लिए काफी है। सबसे बड़ा और भयानक खुलासा संघ के दिग्गज प्रचारक इंद्रेश कुमार को लेकर हो रहा है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि जिस संगठन ने हिंदुत्व के नाम पर अपना वजूद बनाया, उसका एक बड़ा चेहरा 10 लाख से ज्यादा हिंदू लड़कियों की शादियां मुसलमानों से करवा चुका है? जब सवाल उनसे पूछा गया कि ऐसा क्यों किया, तो जवाब और भी शर्मनाक था, कहा गया कि इससे मुसलमानों का हृदय परिवर्तन होगा और देश में दंगे रुकेंगे।
क्या हिंदू बेटियां कोई प्रयोगशाला की वस्तु हैं?
क्या भाईचारा निभाने की जिम्मेदारी सिर्फ हिंदू लड़कियों की बलि देकर ही पूरी होगी?
यह हृदय परिवर्तन नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लव जिहाद है और इस लव जिहाद को संगठन के भीतर से संरक्षण देना है।
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मोहन भागवत अंबेडकरवादी या सेकुलर?
संघ प्रमुख मोहन भागवत खुद को अंबेडकरवादी, वामपंथी और सेकुलर बताने में गर्व महसूस करते हैं। अब खुलकर मंचों से अपनी बदल चुकी विचारधारा का उदघोष कर रहे हैं। वे अब हिंदुत्व को एक विदेशी शब्द करार देते हैं। इतना ही नहीं, आरएसएस ने अब साफ कर दिया है कि हिंदुओं का ठेका हमने नहीं ले रखा है। यानी जब वोट चाहिए तो हिंदू याद आता है, और जब बेटियों की सुरक्षा और धर्म की बात आए तो पल्ला झाड़ लिया जाता है।
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जिस्म का व्यापार और अंगों की तस्करी
यह सिर्फ शादी का मामला नहीं है, यह एक बहुत बड़ा मानव तस्करी (Human Trafficking) का रैकेट है। हमारी भोली-भाली बेटियों को निकाह के जाल में फंसाया जाता है, 2-4 साल उनका शोषण किया जाता है और फिर करोड़ों रुपयों के लिए उनके अंग (Organs) विदेशों में बेच दिए जाते हैं। आज हालात ये हैं कि सलमान खान जैसे लोग आरएसएस के लिए स्टार प्रचारक बन रहे हैं और शाखाओं तक पहुँच रहे हैं। बीजेपी और आरएसएस की यह मिलीभगत अब सबके सामने है। सनातन धर्म के साथ इससे बड़ा धोखा इतिहास में कभी नहीं हुआ। अगर आज आप नहीं बोले तो ये खतरा कल आपकी चौखट तक पहुँच जाएगा।
