
अगर आप बॉलीवुड संगीत के फैन हैं तो यह खबर आपके लिए अहम है। अमाल मलिक ने हाल ही में अपने गानों की रॉयल्टी और मुनाफे के बारे में खुलकर बताया। ज़ूम इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत में गानों के मास्टर अधिकार ज्यादातर लेबल के पास रहते हैं और संगीतकारों को उनका उचित हिस्सा नहीं मिलता। अमाल ने उदाहरण के तौर पर रणबीर कपूर की फिल्म ‘रॉय’ के गाने सूरज डूबा है का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस गाने को बनाने में लगभग 8-10 लाख रुपये खर्च हुए। लेकिन पिछले 12 वर्षों में इस गाने ने लगभग 65 करोड़ रुपये कमाए। उन्हें केवल 8 लाख रुपये मिले, जबकि गाने ने भारी मुनाफा कमाया।
ये भी पढ़ें
बुमराह की वापसी से मुंबई को राहत, लेकिन जैक्स-सैंटनर की गैरमौजूदगी बनी चिंता
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पश्चिमी देशों में संगीतकार, गीतकार और गायक सभी को गानों पर अधिकार मिलता है। इसके विपरीत, भारत में यह व्यवस्था अभी पूरी तरह लागू नहीं है। अमाल ने कहा कि गायक महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे गाने के रचयिता नहीं होते। इसलिए उनका हिस्सा भी सही तरीके से सुनिश्चित होना चाहिए। अमाल मलिक ने साफ कहा, “मैंने यह गाना 10 लाख रुपये में बनाया, अब तक इसने 100 करोड़ रुपये कमा लिए, लेकिन हमें सिर्फ 15-20 लाख रुपये ही मिले।” यह स्थिति भारतीय संगीत उद्योग में रचनाकारों के अधिकार और रॉयल्टी प्रणाली पर सवाल खड़ा करती है।
ये भी पढ़ें
IPL 2026 में विराट कोहली के निशाने पर बड़ा रिकॉर्ड, एशिया के नंबर-1 बनने से बस 29 रन दूर


One thought on “जानिए कैसे अमाल मलिक के गाने ने कमाए करोड़, लेकिन उन्हें नहीं मिला सही हिस्सा”
Comments are closed.