नई दिल्ली। भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है, जहां एलपीजी से लदे दो भारतीय टैंकर सुरक्षित रूप से होरमुज़ जलसंधि को पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इस जानकारी की पुष्टि ने की है बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य-पूर्व में तनाव अपने चरम पर है।
बताया गया है कि “जग वसंत” और “पाइन गैस” नाम के ये दोनों टैंकर सोमवार शाम इस संवेदनशील समुद्री मार्ग को पार करने में सफल रहे। इन जहाजों में कुल 92,612.59 मीट्रिक टन एलपीजी मौजूद है, जो भारत की घरेलू गैस आपूर्ति को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सूत्रों के अनुसार, ये जहाज 26 से 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच सकते हैं। इन दोनों टैंकरों पर कुल 60 भारतीय नाविक तैनात हैं, जिनमें 33 “जग वसंत” और 27 “पाइन गैस” पर मौजूद हैं। खतरनाक हालात के बावजूद इन नाविकों का सुरक्षित रहना भी एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। भारतीय नौसेना और शिपिंग मंत्रालय इन जहाजों की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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गौरतलब है कि होरमुज़ जलसंधि दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। हाल ही में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने इस क्षेत्र को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। हालांकि ईरान ने पहले इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी, लेकिन बाद में स्पष्ट किया कि केवल दुश्मन देशों के जहाजों को ही रोका जाएगा। इसके बावजूद जोखिम बना हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में भारत के लिए इन दोनों जहाजों का सुरक्षित निकलना एक सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की समुद्री रणनीति और सुरक्षा तैयारियों को भी मजबूती मिलेगी।
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