आशुतोष मिश्रा
संतकबीरनगर। जनपद के महुली क्षेत्र में संचालित शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। सोमवार को तहसील दिवस में यह मामला एडीएम के समक्ष उठाया गया, जहां शिकायतकर्ता ने आबकारी विभाग की जांच रिपोर्ट पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। दरअसल, आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद जिला आबकारी विभाग ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, जिसमें दुकान को नियमों के अनुरूप बताते हुए ‘क्लीन चिट’ दे दी गई है।
विभाग का पक्ष: “नियमों के अनुरूप है दुकान”
नियमों का पालन: क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक की जांच के अनुसार दुकान ‘उत्तर प्रदेश आबकारी नियमावली 1968’ के नियम 5(4)(क) के तहत तय सभी दूरी मानकों पर खरी उतरती है।
राजस्व का आधार: इस दुकान से सरकार को सालाना 2.45 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हो रहा है।
शांतिपूर्ण संचालन: पिछले तीन वर्षों में दुकान के खिलाफ महुली थाने में कोई अप्रिय घटना दर्ज नहीं है।
शिकायतकर्ता का आरोप: “जमीनी हकीकत से मुंह मोड़ रहा विभाग”
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शिकायतकर्ता एडवोकेट सविता त्रिपाठी ने विभाग की रिपोर्ट को खारिज करते हुए नाराजगी जताई। उनका कहना है, आबकारी विभाग केवल कागजी दूरी और राजस्व को प्राथमिकता दे रहा है। स्थानीय महिलाओं और राहगीरों को जो मानसिक और सामाजिक परेशानी झेलनी पड़ती है, उसे नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं हैं और न्याय के लिए उच्चाधिकारियों के समक्ष मामला उठाएंगी।
बढ़ सकता है विवाद
तहसील दिवस में दोबारा मामला उठने के बाद अब यह विवाद और तूल पकड़ सकता है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लोगों में असंतोष देखा जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में प्रशासन पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
