नए वित्त वर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही बैंकिंग सेक्टर में कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहे हैं। खासकर ATM से कैश निकालने वाले ग्राहकों के लिए यह बदलाव सीधे असर डालने वाले हैं। देश के प्रमुख बैंक—HDFC बैंक, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बंधन बैंक—ने अपनी ATM पॉलिसी और ट्रांजैक्शन फीस में संशोधन किया है।
HDFC बैंक ने अपने नियमों में बदलाव करते हुए ATM से UPI के जरिए होने वाली कैश निकासी को भी फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में शामिल कर लिया है। इसका मतलब यह है कि यदि ग्राहक अपनी निर्धारित फ्री लिमिट पार कर लेते हैं, तो उन्हें प्रत्येक अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर ₹23 के साथ टैक्स देना होगा। पहले UPI आधारित कैश निकासी को अलग श्रेणी में रखा जाता था।
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वहीं, पंजाब नेशनल बैंक ने अपने ग्राहकों के लिए डेली कैश विदड्रॉल लिमिट में कटौती की है। कई डेबिट कार्ड्स पर यह सीमा ₹1 लाख से घटाकर ₹50,000 कर दी गई है। प्रीमियम कार्ड धारकों के लिए भी यह लिमिट ₹1.5 लाख से घटाकर ₹75,000 कर दी गई है। इससे ग्राहकों को बड़ी राशि निकालने के लिए बार-बार ATM का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
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बंधन बैंक ने भी ATM उपयोग को लेकर नए नियम लागू किए हैं। अब ग्राहक अपने बैंक के ATM पर महीने में केवल 5 फ्री फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन कर सकेंगे। अन्य बैंकों के ATM पर मेट्रो शहरों में 3 और नॉन-मेट्रो शहरों में 5 फ्री ट्रांजैक्शन की अनुमति होगी। इसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा। अगर ग्राहक के खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता और ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है, तो उन्हें ₹25 का अतिरिक्त चार्ज देना होगा। इन बदलावों के चलते ग्राहकों को अब अपने ATM उपयोग को अधिक सावधानी से प्लान करना होगा।
