नया लुक डेस्क
तेहरान। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने ब्रिटेन को सीधी और कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरगची ने कहा है कि यदि ब्रिटेन, अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ करने की अनुमति देता है, तो इसे सीधे युद्ध में शामिल होना माना जाएगा। अरगची ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के कदम से ब्रिटेन के नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका अस्पष्ट और एकतरफा रवैया अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
‘आत्मरक्षा के अधिकार का पूरा इस्तेमाल करेगा ईरान’
ईरान के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि ब्रिटेन और कुछ यूरोपीय देश इजरायल और अमेरिका के हमलों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जबकि ईरान की जवाबी कार्रवाई पर सख्ती दिखा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान अपने आत्मरक्षा के अधिकार का पूरा इस्तेमाल करेगा और किसी भी आक्रामक कार्रवाई का जवाब देगा।
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ब्रिटिश एयरबेस से अमेरिकी गतिविधियां तेज
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका, ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस का इस्तेमाल कर रहा है। यहां से अमेरिकी बॉम्बर विमान लगातार उड़ान भर रहे हैं। हाल ही में B-52 बॉम्बर विमान करीब 15 घंटे के मिशन पर उड़ान भरकर लौटे। ब्रिटेन ने अमेरिका को डिएगो गार्सिया समेत कई सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। ब्रिटेन का कहना है कि यह ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले करने वाले ईरानी ठिकानों को निशाना बनाना है।
बढ़ता तनाव, गहराता संकट
मध्य पूर्व में बढ़ते इस तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले, तो यह टकराव बड़े युद्ध का रूप ले सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
