लखनऊ। उप्र खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत कृषि उत्पादन आयुक्त, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी (SLEC) की 17वीं बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। बैठक में राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से करीब 300 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर विस्तृत चर्चा की गई। समिति ने गहन विचार-विमर्श के बाद 19 परियोजनाओं के लिए 35 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी प्रदान की। यह निर्णय प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

प्रगति की झलक
वर्ष 2023 से अब तक कुल 600 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए, जिनमें से 318.64 करोड़ रुपये (53.10%) खर्च किए जा चुके हैं। कुल 353 निवेशकों को अनुदान हस्तांतरित किया गया है।
- 100 इकाइयों को दूसरी किश्त
- 253 इकाइयों को पहली किश्त का भुगतान
- चालू वित्तीय वर्ष में 300 करोड़ के बजट के सापेक्ष 168.66 करोड़ रुपये (56.22%) का भुगतान 19 जनवरी 2026 तक किया जा चुका है।
- शेष भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
नई औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा
देश की चर्चित हेल्दी स्नैकिंग ब्रांड Farmley द्वारा अमरोहा में रेडी-टू-ईट और हेल्दी स्नैक्स आधारित यूनिट स्थापित की जा रही है। यह कंपनी आईआईटी ग्रेजुएट अभिषेक अग्रवाल और आकाश शर्मा द्वारा स्थापित की गई है और इसका मुख्यालय नोएडा/दिल्ली में स्थित है। मेरठ में एम.के.जी. मेगा फूड प्रा. लि. द्वारा फ्रोजन सब्जी प्रसंस्करण एवं कलीनरी हर्ब्स यूनिट स्थापित की जा रही है। झांसी में पीनट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर स्थानीय किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान
- थर्ड पार्टी निरीक्षण एजेंसी NABCONS (नाबार्ड की सहायक इकाई) के अधिकारियों
- एन.एल. साहू (वाइस प्रेसिडेंट)
- राजा मिथिलेश कुमार (वरिष्ठ सलाहकार)
- ई. श्याम कटारे (मैकेनिकल इंजीनियर) को उत्कृष्ट सत्यापन रिपोर्ट के लिए सम्मानित किया गया।
किन जिलों को मिली मंजूरी
बैठक में अमरोहा, एटा, मेरठ, रामपुर, गोरखपुर, कानपुर नगर, लखनऊ, कौशांबी, अयोध्या, लखीमपुर खीरी और बुलंदशहर से आए कुल 19 प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
