पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अपनी फ्रेंचाइजी आधारित टी20 लीग पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 का आगाज 26 मार्च से करने जा रहा है। इस बार लीग में 6 की बजाय कुल 8 टीमें भाग लेंगी और फाइनल सहित कुल 44 मुकाबले खेले जाएंगे। हालांकि, सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण विदेशी खिलाड़ियों के बीच भारी असंतोष और भगदड़ की स्थिति बन गई है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने खिलाड़ियों को पाकिस्तान आने से पहले चेतावनी दी है। इसके चलते कई विदेशी खिलाड़ी अपनी सहभागिता से पीछे हट रहे हैं। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने इस्लामाबाद यूनाइटेड के साथ खेलना तय किया था, लेकिन पाकिस्तान में मौजूदा हालात को देखते हुए उन्होंने PSL से हटकर आईपीएल 2026 का विकल्प चुना। अब वह कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते नजर आएंगे।
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ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी स्पेंसर जॉनसन, जिन्हें क्वेटा ग्लेडिएटर्स की टीम में शामिल किया गया था, ने भी निजी कारणों का हवाला देते हुए PSL से नाम वापस ले लिया। वहीं, वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के स्पिनर गुडाकेश मोती ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद मिडिल ईस्ट की तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए PSL में खेलने से इनकार कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वह अब आईपीएल 2026 में खेल सकते हैं। इसी तरह इंग्लैंड के तेज गेंदबाज टाइमल मिल्स और नामीबिया के खिलाड़ी डेविड वीजे भी PSL से नाम वापस लेने वालों में शामिल हैं। इंग्लैंड टीम के लिमिटेड ओवर्स कप्तान हैरी ब्रूक को लाहौर कलंदर्स ने संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने भी खेलने से मना कर दिया।
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इस बार PSL में अफगानिस्तान के किसी खिलाड़ी को खेलते हुए नहीं देखा जाएगा। अनुभवी खिलाड़ी मोहम्मद नबी, मुजीब उर रहमान, सादिकुल्लाह अटल और फजहलक फारुकी ने पहले ऑक्शन में नाम दिया था, लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया। वहीं, पेशावर जाल्मी द्वारा सीधे साइन किए गए रहमनुल्लाह गुरबाज ने भी PSL में खेलने से इनकार किया। इस स्थिति ने लीग की तैयारी और रोमांच को प्रभावित किया है। पीएसएल आयोजकों के लिए यह चिंता का विषय बन गया है कि विदेशी खिलाड़ियों की अनुपस्थिति फैंस और प्रतिस्पर्धा दोनों पर असर डाल सकती है। आगामी मुकाबलों में टीमों का प्रदर्शन और विदेशी खिलाड़ियों की संख्या अब देखना रोचक होगा।
