International: संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति विमान एयर फोर्स वन के रंग-रूप में बड़ा बदलाव करने का आदेश दिया है। अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक अब यह प्रतिष्ठित विमान लाल, सफेद और गहरे नीले रंग की नई पेंट स्कीम में नजर आएगा। ट्रंप का कहना है कि यह रंग संयोजन अमेरिकी ध्वज की भावना को ज्यादा मजबूती से दर्शाता है।
एयर फोर्स द्वारा जारी रेंडरिंग में नए डिजाइन की झलक दिखाई गई है। इसमें विमान के ऊपरी हिस्से को सफेद, निचले हिस्से को गहरे नीले रंग में और बीच में लाल पट्टी के साथ दिखाया गया है। यह रंग योजना ट्रंप के निजी विमान से मिलती-जुलती बताई जा रही है। ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि मौजूदा “बेबी ब्लू” डिजाइन उन्हें पसंद नहीं है और वे “पावर ब्लू” लुक चाहते हैं। वर्तमान एयर फोर्स वन की डिजाइन 1960 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी के समय से चली आ रही है। हल्के नीले और सफेद रंग की यह पहचान दशकों से अमेरिकी राष्ट्रपति की आधिकारिक उड़ानों का प्रतीक रही है। लेकिन ट्रंप प्रशासन का मानना है कि अब समय आ गया है कि विमान को अधिक आधुनिक और राष्ट्रवादी लुक दिया जाए।
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इस बदलाव के तहत Boeing द्वारा तैयार किए जा रहे दो नए 747-8 विमानों को संशोधित कर राष्ट्रपति उपयोग के लिए तैयार किया जा रहा है। ये विमान मौजूदा पुराने 747-200 मॉडल की जगह लेंगे। जब राष्ट्रपति इनमें सवार होते हैं, तो इन्हें “एयर फोर्स वन” का कॉल साइन मिलता है। हालांकि इससे पहले 2023 में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्रंप के प्रस्तावित रंग परिवर्तन को पलट दिया था। उस समय एयर फोर्स की समीक्षा में कहा गया था कि गहरे रंगों के इस्तेमाल से लागत बढ़ सकती है और विमानों की डिलीवरी में देरी हो सकती है। लेकिन अब ट्रंप के दोबारा फैसले के बाद यह परियोजना फिर चर्चा में है।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और एयर फोर्स सचिव ट्रॉय मेइंक ने भी नए विमानों में सुरक्षा संशोधनों की प्रक्रिया का जिक्र किया है। बताया गया है कि इन जेट्स को राष्ट्रपति सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाने के लिए व्यापक तकनीकी बदलाव किए जाएंगे। ट्रंप का तर्क है कि एयर फोर्स वन केवल एक विमान नहीं, बल्कि अमेरिकी शक्ति और प्रतिष्ठा का प्रतीक है। इसलिए इसका रंग ऐसा होना चाहिए जो देशभक्ति और सामर्थ्य का संदेश दे। इस फैसले ने अमेरिका में राजनीतिक और सार्वजनिक बहस को जन्म दिया है—कुछ लोग इसे राष्ट्रीय पहचान का सशक्त प्रतीक मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे अनावश्यक खर्च बता रहे हैं।
