उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज। नौतनवां थाना क्षेत्र के ग्राम बैरवा बनकटवा टोला मणिपुर चौराहे पर स्थित एक ग्राहक सेवा केंद्र पर गुरुवार को पुलिस की छापेमारी के बाद अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया। एक बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र पर चल रहे फर्जीवाड़े ने पुलिस की कार्रवाई के बाद चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है। वहीं नेपाल सीमा होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियां भी चौकन्नी हो गई हैं। मौके से पकड़े गए दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। किस तरह के लोगों को आधार कार्ड बनाकर जारी किया गया है, इसकी जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार को सीओ अंकुर गौतम ने इसका खुलासा किया। इस ग्राहक सेवा केंद्र की आड़ में आधार कार्ड बनाने के फर्जीवाड़ा में लगे सक्रिय गिरोह फर्जी आधार कार्ड बनाकर मोटी रकम कमा रहे थे। सीओ ने बताया कि पुलिस की पूछताछ में पकड़े गए आरोपी सूर्य नारायण निवासी दुर्गापुर थाना नौतनवां एवं धीरज चौरसिया निवासी एकमा लक्ष्मीपुर थाना पुरंदरपुर ने बताया कि कुछ दिन पहले ही यूट्यूब के जरिए एक वीडियो देखा था। इसमें एक नंबर पर कॉल करने के बाद उसे आधार कार्ड बनाने के लिए पासवर्ड एवं आईडी उपलब्ध कराई गई थी। इसके बदले यूपीआई के जरिए उस व्यक्ति को पैसा भेजा जाता था। फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले सेंटर पर छापेमारी के बाद पुलिस सक्रिय गिरोह की कुंडली खंगालने में जुटी हुई है।
सुरक्षा एजेंसियां हुई सजग
भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाने का मामला सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां भी चौकन्नी हो गई हैं। नेपाल सीमा पर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का नेटवर्क कहां तक जुड़ा हुआ है? यह जानने के लिए जांच शुरू हो गई है। नारायण नाम के शख्स के आईडी व पासवर्ड का इस्तेमाल नारायण साहू नाम के व्यक्ति का आईडी व पासवर्ड इस्तेमाल कर अवैध तरीके से आधार कार्ड का फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। पुलिस की जांच में अभी कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। पुलिस की छापेमारी के दौरान ग्राहक सेवा केंद्र से एक लैपटॉप, एक बायोमेट्रिक मशीन, यूएसबी केबल, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस एव कैश भी बरामद हुए हैं। सीओ अंकुर गौतम ने बताया कि अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की। मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। लैपटॉप के साथ अन्य उपकरण भी बरामद हुए हैं। फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाए जाने का मामला सामने आया है। दोनों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
