राहुल गांधी पर गिरिराज सिंह का आरोप: भारत में गृहयुद्ध की साजिश का दावा, राजनीतिक गरमाहट तेज

संसद के बजट सत्र के दौरान राजनीतिक बयानबाज़ी ने नया मोड़ ले लिया, जब केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह  ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी  पर गंभीर आरोप लगाए। गिरिराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी “देश में सिविल वॉर (गृह युद्ध) शुरू करना चाहते हैं” और वे सदन में “झूठ फैला रहे हैं।” दरअसल, बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील, पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की किताब और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कुछ संदर्भों पर सवाल उठाए थे। उनके बयानों पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके चलते लोकसभा में कई बार हंगामा हुआ और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

ये भी पढ़े

RRR स्टार राम चरण ने जुड़वा बच्चों के नाम किए सार्वजनिक, परंपरा और आध्यात्मिकता से जुड़ा है खास मतलब

इसी क्रम में गिरिराज सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में राहुल गांधी से बड़ा कोई झूठा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता बिना ठोस सबूत के गंभीर बातें कह रहे हैं, जिससे देश का माहौल बिगड़ सकता है। सिंह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों या किसी भी वर्ग के साथ अन्याय नहीं हो सकता, और यदि संबंधित मंत्री स्पष्ट आश्वासन दे रहे हैं तो विपक्ष को गलत जानकारी नहीं फैलानी चाहिए। मामला यहीं नहीं रुका। भाजपा सांसद Nishikant Dubey ने लोकसभा में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव (प्रिविलेज मोशन) लाने की बात कही। उनका आरोप था कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों के प्रभाव में देश को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने चर्चा की मांग करते हुए यहां तक कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने और उन्हें भविष्य में चुनाव लड़ने से रोकने पर विचार होना चाहिए।

ये भी पढ़े

यूपी पंचायत चुनाव से पहले OBC आयोग का गठन करेगी योगी सरकार, हाईकोर्ट को दी जानकारी

केंद्रीय मंत्री Chirag Paswan ने भी टिप्पणी करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को अपने पद की गरिमा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने माना कि विशेषाधिकार प्रस्ताव लाना संसदीय अधिकार है, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय सदन की प्रक्रिया के अनुसार ही होगा। वहीं भाजपा सांसद Ravi Kishan ने राहुल गांधी के बयानों को “बिना सबूत के आरोप” करार दिया और इसे हताशा का परिणाम बताया। लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कुछ कथनों को कार्यवाही से हटाने की मांग भी की गई है। पूरे घटनाक्रम ने संसद के भीतर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव को और तेज कर दिया है। जहां भाजपा इसे गैर-जिम्मेदाराना बयानबाज़ी बता रही है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र जैसे महत्वपूर्ण समय में इस तरह की तीखी बयानबाज़ी लोकतांत्रिक विमर्श को प्रभावित कर सकती है। हालांकि संसदीय लोकतंत्र में बहस और आलोचना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन भाषा और तथ्यों की सटीकता पर सभी दलों की जिम्मेदारी होती है।

ये भी पढ़े

 

Politics Uttar Pradesh

रामपुर के बाद अब बाराबंकी में अधिवक्ता की सरेराह गोली मारकर हत्या, दिनदहाड़े हुई घटना से इलाके में फैली सनसनी

  वारदात की जानकारी मिलते ही एसपी बाराबंकी सहित कई पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे पुलिस फोर्स जब-तक पहुंचते कातिल मौके से भाग निकले पुरानी रंजिश सहित कई बिंदुओं पर पुलिस कर रही पड़ताल सफेदाबाद क्षेत्र स्थित असैनी मोड़ के पास हुई घटना का मामला   ए अहमद सौदागर लखनऊ। रामपुर जिले के जिला […]

Read More
homeslider Raj Dharm UP Uttar Pradesh

भदोही में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का दौरा, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक शुक्रवार को भदोही जनपद के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां का स्थलीय निरीक्षण किया। दौरे के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर निशाना […]

Read More
National Politics Uttar Pradesh

यूपी विधानसभा में बेरोजगारी पर तीखी बहस, सत्ता और विपक्ष आमने-सामने

लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बेरोजगारी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार देरी से युवाओं के कीमती वर्ष बर्बाद हो रहे हैं और अभ्यर्थी […]

Read More