नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए घातक हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में अहम खुलासा किया गया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 सैंक्शंस कमेटी से जुड़ी 37वीं मॉनिटरिंग रिपोर्ट में पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का नाम इस हमले से जोड़ा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक सदस्य देश ने दावा किया है कि इस हमले की जिम्मेदारी जैश से जुड़े तत्वों ने ली थी।
यूएन की एनालिटिकल सपोर्ट एंड सैंक्शंस मॉनिटरिंग टीम द्वारा तैयार इस दस्तावेज़ में कहा गया है कि लाल किले के निकट हुए विस्फोट में सीमा पार आतंकी नेटवर्क की भूमिका के संकेत मिले हैं। हालांकि रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सदस्य देशों के बीच इस मुद्दे पर पूर्ण सहमति नहीं है। कुछ देशों का कहना है कि जैश-ए-मोहम्मद अब भी सक्रिय है, जबकि अन्य का दावा है कि संगठन की गतिविधियां पहले की तुलना में कम हो गई हैं।
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रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि जैश प्रमुख मसूद अजहर ने अक्टूबर में महिलाओं के लिए एक अलग विंग की घोषणा की थी, जिसे “जमात-उल-मुमिनात” नाम दिया गया। हालांकि यह नया विंग अभी संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में शामिल नहीं है, लेकिन इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता बढ़ी है।
इसके अलावा रिपोर्ट में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र किया गया है, जिसमें कई नागरिकों की जान गई थी। उस हमले की जिम्मेदारी “द रेजिस्टेंस फ्रंट” ने ली थी, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी संगठन माना जाता है।
रिपोर्ट ने सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे को एक बार फिर वैश्विक मंच पर प्रमुखता से उठाया है। भारत पहले भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस विषय पर कड़ी कार्रवाई की मांग करता रहा है। अब संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के बाद इस मामले पर नई कूटनीतिक हलचल तेज होने की संभावना है।
