MNS स्टाफ को मिला एक्स-सर्विसमैन का दर्जा: अब सरकारी नौकरियों में मिलेंगे बड़े फायदे

55

देश की रक्षा सेवाओं में योगदान देने वाली मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) की महिला कर्मियों के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब MNS में सेवा दे चुकी महिलाओं को आधिकारिक तौर पर “पूर्व सैनिक” यानी एक्स-सर्विसमैन की श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। इससे पहले यह दर्जा केवल थलसेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों तक सीमित था। नए बदलाव के बाद MNS स्टाफ को भी वही लाभ मिलेंगे, जो अन्य पूर्व सैनिकों को दिए जाते हैं।

क्या बदला है नियमों में?

सरकार ने सेवा नियमों में संशोधन करते हुए MNS कर्मियों को एक्स-सर्विसमैन की परिभाषा में शामिल किया है। यह बदलाव संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत किया गया है। इसका अर्थ है कि अब मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में कार्यरत या सेवा पूरी कर चुकी महिलाएं भी पूर्व सैनिकों की सुविधाओं की पात्र होंगी। पहले MNS स्टाफ को सेना का हिस्सा तो माना जाता था, लेकिन उन्हें पूर्व सैनिकों के लिए निर्धारित आरक्षण, आयु सीमा में छूट और अन्य लाभ नहीं मिलते थे। अब यह असमानता समाप्त हो गई है।

ये भी पढ़े

बेसिक शिक्षा को नई ऊंचाई देने की तैयारी: बजट में 77,622 करोड़ का प्रस्ताव, हर जिले में बनेंगे मॉडल स्कूल

सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ

इस निर्णय का सबसे बड़ा प्रभाव सरकारी नौकरियों में दिखाई देगा। केंद्र सरकार की भर्तियों में एक्स-सर्विसमैन को आरक्षण दिया जाता है। नए नियम लागू होने के बाद MNS स्टाफ को भी यह लाभ मिलेगा।

ग्रुप ‘C’ पदों में 10 प्रतिशत आरक्षण

ग्रुप ‘D’ पदों में 20 प्रतिशत आरक्षण

इससे UPSC, SSC और अन्य केंद्रीय भर्ती परीक्षाओं में आवेदन करते समय MNS स्टाफ को प्रतिस्पर्धा में बेहतर अवसर मिलेंगे। पहले उन्हें सामान्य श्रेणी में आवेदन करना पड़ता था, जिससे चयन की संभावना कम हो जाती थी।

ये भी पढ़े

समुद्र में विमान की क्रैश लैंडिंग का वायरल वीडियो, सोमालिया में हड़कंप मचा

आयु सीमा में राहत

सरकार ने आयु सीमा को लेकर भी महत्वपूर्ण छूट दी है। नए नियमों के अनुसार, किसी उम्मीदवार की वास्तविक उम्र से सेना में की गई सेवा की अवधि घटाई जाएगी और इसके अतिरिक्त 3 वर्ष की अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी महिला ने 7 वर्ष सेना में सेवा दी है, तो उसकी आयु में 7 वर्ष घटाए जाएंगे और फिर 3 वर्ष अतिरिक्त छूट जोड़ी जाएगी। इससे सिविल सेवाओं में आवेदन का अवसर व्यापक हो जाएगा।

ये भी पढ़े

कांग्रेस को 12,000 बीघा जमीन की सूची कोर्ट में रखने या 500 करोड़ देने का कड़ा अल्टीमेटम

 

भविष्य के लिए क्या मायने?

यह फैसला केवल नौकरी से जुड़ा बदलाव नहीं है, बल्कि यह रक्षा सेवाओं में महिलाओं की भूमिका को औपचारिक मान्यता भी देता है। अब MNS स्टाफ को करियर की दूसरी पारी शुरू करने में कम बाधाएं आएंगी। इससे उनकी आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी। सरकार का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे सेना में सेवा देने वाली महिलाओं को बराबरी का अधिकार और सम्मान मिलेगा।

Spread the love

Today's Horoscope
Astrology homeslider Uttar Pradesh

आज ग्रहों की चाल से किसे मिलेगा लाभ?

Today’s Horoscope मेष : अपने व्यवहार को बदलें। स्वभाव में चिड़चिड़ापन आज का दिन खराब कर सकता है। निवेश में वृद्धि होगी। रचनात्मक रुचि बढ़ेगी। वैवाहिक मामले यथावत रहेंगे। वृषभ : अपने निजी कार्यों के लिए समय की कमी रहेगी। घर-परिवार की परेशानी से दु:ख होगा। नए संबंधों के प्रति सतर्क रहना जरूरी है। कार्यक्षेत्र […]

Spread the love
Read More
homeslider Religion

खुद का भविष्य जानने के दस तरीके

Astrology : हर व्यक्ति खुद का या दूसरों का भविष्य जानने को बहुत उत्सुक रहता है तभी तो देश में लाखों ज्योतिषी और बाबा लोग मौजूद हैं लेकिन क्या सचमुच ही ये लोग आपका भविष्य बताने में सक्षम हैं? हम आपको बताना चाहते हैं कि ऐसे कौन से तरीके हैं जिससे आप अपना भविष्य जान […]

Spread the love
Read More
New Delhi
homeslider Religion

क्या दामाद कर सकता है सास-ससुर का श्राद्ध, जानिए धार्मिक मान्यताएं

New Delhi: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवधि में लोग अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म करते हैं। आमतौर पर परिवार में इन कर्मकांडों की जिम्मेदारी पुत्र को दी जाती है। लेकिन अगर किसी परिवार में पुत्र मौजूद […]

Spread the love
Read More