- बांदा जिला जेल की कमान मिली आलोक कुमार को
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। बी- वारंट के बावजूद बांदा जिला जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए तत्कालीन जेलर प्रदीप कश्यप से गौतमबुद्ध नगर की अदालत ने इस मामले कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्टीकरण मांगा था। कुख्यात बदमाश रवि काना की रिहाई की खबर मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
बांदा जिला जेल का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि जनवरी की आखिरी तारीख में अयोध्या जिला जेल की चहारदीवारी फांदकर दो बंदी फरार हो गए थे। लापरवाही सामने आने जेल के उच्च अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से डिप्टी जेलर सहित दस जेलकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
अयोध्या जिला जेल के जेलर प्रदीप कश्यप को बनाया गया है, जबकि बांदा जिला जेल की कमान आलोक कुमार को सौंपी गई है। हालांकि कुख्यात गैंगस्टर स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई होने के बाद शासन ने बांदा जेलर को सस्पेंड कर दिया
बताया जा रहा है इस पूरे मामले में बांदा जिला जेल के तत्कालीन जेलर की घोर लापरवाही सामने आई थी, जिसके चलते अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्टीकरण मांगा था।
