अयोध्या में राज्य कर उपायुक्त ने वापस लिया इस्तीफा, भाई को बताया मुख्तार अंसारी गैंग का सक्रिय सदस्य

prashant singh 60536ab4b93f6e62af32a799bb080e99 1

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले से जुड़ी एक अहम प्रशासनिक खबर सामने आई है। रामनगरी अयोध्या में तैनात राज्य कर उपायुक्त प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया और वे वर्तमान में अपने पद पर कार्यरत हैं। प्रशांत कुमार सिंह ने यह जानकारी समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान दी।

प्रशांत कुमार सिंह ने हाल ही में अपना इस्तीफा भेजा था, जिसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा हुई। बताया गया कि उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद के विरोध और सरकार के समर्थन में अपना त्यागपत्र सौंपा था। हालांकि अब उन्होंने उस फैसले को वापस लेते हुए कहा कि वे पूरी तरह मानसिक रूप से स्थिर हैं और अपना कार्य नियमित रूप से कर रहे हैं।

इस्तीफा वापस लेने के साथ ही प्रशांत कुमार सिंह ने अपने भाई विश्वजीत सिंह को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनका भाई विश्वजीत सिंह, मऊ में सक्रिय मुख्तार अंसारी गैंग का सदस्य रहा है और उसने गैंग के लिए आर्थिक सलाहकार की भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई की आपराधिक पृष्ठभूमि रही है और उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

Breaking News : सुनेत्रा पवार ने भरी आंखों से ली शपथ, महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी CM बनीं

प्रशांत कुमार सिंह के अनुसार, उनके भाई पर जबरन वसूली, धमकी देने और मारपीट जैसे आरोप हैं। उन्होंने बताया कि विश्वजीत सिंह ने अपने ही माता-पिता के साथ मारपीट की थी, जिसकी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा उसने जियो कंपनी के एक ब्रांच मैनेजर को जान से मारने की धमकी भी दी थी। अधिकारी ने कहा कि उनका भाई पैसों के लिए लोगों पर दबाव बनाता था और उसकी पहचान एक आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति के रूप में रही है।

फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के आरोपों पर सफाई देते हुए प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2021 में उनके भाई ने मऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को एक शिकायत दी थी, जिसमें उनके दिव्यांग प्रमाणपत्र को फर्जी बताया गया था। शिकायत में कहा गया था कि प्रमाणपत्र पर न तो तारीख है और न ही डॉक्टरों के हस्ताक्षर।

हालांकि इस मामले की जांच के बाद मऊ के सीएमओ ने लिखित रूप से प्रमाणपत्र को सही ठहराया था। इसके बाद अयोध्या के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष भी मामले की पुष्टि हुई, जहां मऊ सीएमओ ने दोबारा लिखित में स्पष्ट किया कि प्रमाणपत्र पूरी तरह वैध है।

प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और यह सब उनके भाई द्वारा की गई साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दोहराया कि वे ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं और आगे भी प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।

Spread the love

homeslider National

मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा की मौत से गांव में शोक, मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल

Aditya Sharma death news : हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के भालू गांव में उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला जब 23 वर्षीय मर्चेंट नेवी कैडेट आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा। जैसे ही एंबुलेंस गांव में दाखिल हुई, मां अपने इकलौते बेटे को देखकर बेसुध हो गईं। वह बार-बार उसे आखिरी […]

Spread the love
Read More
homeslider International

पाकिस्तान: गुरुद्वारे में सिख दंपति की हत्या, मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल

Pakistan Gurudwara incident : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक गुरुद्वारे के अंदर सिख सेवादार दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना मर्दान जिले के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई, जो पेशावर से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है। स्थानीय पुलिस […]

Spread the love
Read More
Uttar Pradesh politics
Politics Uttar Pradesh

आवश्यकता है…BJP में एक अदद दलित नेता की

वैसे भी पार्टी में अपनों से ज्यादा ‘स्टपनी’ पर भरोसा अनुप्रिया, संजय, ओमप्रकाश, ब्रजेश सभी के सभी बाहरी                                                                           […]

Spread the love
Read More