बरेली: उत्तर प्रदेश में यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य विवाद के बीच बरेली प्रशासन में बड़ा बदलाव किया गया है। एसडीएम सदर राम जनम यादव को बरेली का प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। शासन की ओर से आदेश जारी होते ही उन्होंने तत्काल प्रभाव से अपना कार्यभार संभाल लिया है।
बरेली के जिला मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर सभी संबंधित विभागों को सूचित कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह व्यवस्था कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य करने के लिए राम जनम यादव को कोई अतिरिक्त भत्ता नहीं दिया जाएगा।
राम जनम यादव को यह जिम्मेदारी ऐसे समय सौंपी गई है, जब जिले में यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद को लेकर माहौल संवेदनशील बना हुआ है। इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट रहे अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद प्रशासन को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
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प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, एसडीएम सदर के रूप में राम जनम यादव का अनुभव और क्षेत्रीय समझ मौजूदा हालात में प्रशासन के लिए मददगार साबित हो सकती है। जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उल्लेखनीय है कि अलंकार अग्निहोत्री ने यूजीसी के नए नियमों और माघ मेले के दौरान शंकराचार्य और उनके बटुकों के साथ हुई कथित बदसलूकी को लेकर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा दिया था। इसके बाद उनका बयानबाजी का सिलसिला शुरू हो गया, जिससे विवाद और गहरा गया।
प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी फैसले कानून व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं। राम जनम यादव की नियुक्ति को इसी दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
