लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार पर यूपी पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आजमगढ़ निवासी विकास सिंह नरवे को सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी इस मामले में वांछित था और उसकी तलाश बीते कई महीनों से की जा रही थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विकास सिंह नरवे कोडीन कफ सिरप की अवैध सप्लाई और नेटवर्क संचालन में अहम भूमिका निभा रहा था। उसे गुप्त सूचना के आधार पर सिद्धार्थनगर में दबिश देकर पकड़ा गया। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से पूरे रैकेट से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
इससे पहले रविवार को मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल विनोद अग्रवाल को भी गिरफ्तार किया गया था। क्राइम ब्रांच और कानपुर के कलक्टरगंज थाना पुलिस ने उसे हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले से दबोचा था। विनोद अग्रवाल पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
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विनोद अग्रवाल, कानपुर के फीलखाना थाना क्षेत्र के पटकापुर इलाके का निवासी है और वह मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स नामक फर्म का संचालक बताया गया है। जांच में सामने आया है कि उसने 65 से अधिक फर्जी कंपनियां बनाकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित 12 राज्यों में प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई की।
खाद्य आयुक्त की चार टीमों ने पहले ही बिरहाना रोड स्थित उसकी दुकान और कोपरगंज के गोदाम पर छापा मारकर करोड़ों रुपये की कोडीन युक्त कफ सिरप और ट्रामाडोल टैबलेट्स जब्त की थीं। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
