- अब सिर उठाने लगी सुरक्षित सेक्स की मांग, बच्चा नहीं चाहिए तो क्यों करते हो असुरक्षित संभोग
नई दिल्ली। अमेरिका के ओहियो राज्य में एक विवादास्पद विधेयक चर्चा में है, जिसका नाम ‘कॉन्सेप्शन बिगिन्स एट इरेक्शन एक्ट’ है। यह बिल डेमोक्रेटिक विधायकों अनीता सोमानी (जो एक अनुभवी OBGYN भी हैं) और ट्रिस्टन रेडर द्वारा पेश किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रजनन अधिकारों में असमानता पर ध्यान आकर्षित करना है। बिल के अनुसार, अगर कोई पुरुष गर्भधारण के इरादे के बिना असुरक्षित यौन संबंध बनाता है और स्खलन करता है, तो इसे अपराध माना जाएगा।

पहली बार अपराध पर 1,000 डॉलर (लगभग 8.3 लाख रुपये), दूसरी बार 5,000 डॉलर और उसके बाद 10,000 डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है। सोमानी का कहना है, “महिला खुद से गर्भवती नहीं होती। अगर अनचाहे गर्भ के लिए सजा की बात हो रही है, तो जिम्मेदार पुरुष को क्यों नहीं दंडित किया जाए?

यह प्रस्ताव रिपब्लिकन-प्रधान विधानसभा में गंभीरता से लिया जाना मुश्किल है, क्योंकि ओहियो में 2023 में जनमत संग्रह से गर्भपात का अधिकार संवैधानिक हो चुका है। बिल का मकसद व्यंग्यात्मक है- यह उन कानूनों की नकल करता है जो महिलाओं के शरीर पर नियंत्रण लगाते हैं, जैसे गर्भपात पर प्रतिबंध। विधायक कहते हैं कि अगर महिलाओं के प्रजनन पर कानून बनाए जा सकते हैं, तो पुरुषों पर क्यों नहीं?

बिल में छूट भी हैं : जन्म नियंत्रण का इस्तेमाल, शुक्राणु दान, हस्तमैथुन या LGBTQ+ संबंधों में जुर्माना नहीं लगेगा। यह मुख्य रूप से विपरीत लिंग के साथ असुरक्षित संभोग करने वाले पुरुषों को लक्षित करता है। यह बिल पास होने की संभावना कम है, लेकिन इसका लक्ष्य बहस छेड़ना है प्रजनन जिम्मेदारी दोनों पर क्यों नहीं? महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पुरुषों की जवाबदेही जरूरी है।
