भारत की मदद से श्रीलंका में पटरी पर लौट रहा जीवन

Untitled 14 copy 4

शाश्वत तिवारी

कोलंबो। भारत की ओर से चक्रवात ‘दितवाह’ से तबाह हुए श्रीलंका को लगातार मदद पहुंचाई जा रही है, ताकि पड़ोसी देश भयंकर समुद्री तूफान के बाद हुए भारी नुकसान से उबर सके। श्रीलंका में भारत की वित्तीय मदद से तैयार पहला ‘बेली ब्रिज’ रविवार को यातायात के लिए खोल दिया गया। इसके साथ ही भारतीय अनुदान के तहत श्रीलंका की उत्तरी रेलवे लाइन के मरम्मत कार्यों का शुभारंभ भी हो चुका है।

कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने 11 और 12 जनवरी को अलग-अलग प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी साझा की। उच्चायोग ने रविवार को जारी अपने बयान में कहा 100 फुट लंबे बेली ब्रिज का उद्घाटन भारत के हाई कमिश्नर संतोष झा, परिवहन और राजमार्ग उप मंत्री प्रसन्ना गुनासेना तथा शिक्षा एवं उच्च शिक्षा उप मंत्री मधुरा सेनेविरत्ना ने 10 जनवरी को संयुक्त रूप से किया। उच्चायोग के मुताबिक भारतीय सेना ने इस विशाल ‘बेली ब्रिज’ का निर्माण किया है और इसके खुलने से पड़ोसी देश के मध्य प्रांत व उवा प्रांत के बीच एक महत्वपूर्ण सड़क संपर्क बहाल हो गया है। उच्चायोग ने कहा यह दितवाह के बाद पुनर्निर्माण के लिए भारत के 450 मिलियन डॉलर सहायता पैकेज के तहत परियोजनाओं के कार्यान्वयन की शुरुआत है। नए चालू किए गए बेली ब्रिज ने इस प्रभावित क्षेत्र में, खासकर मुश्किल पहाड़ी इलाकों में समुदायों के लिए पहुंच और गतिशीलता में काफी सुधार किया है। अगले चरण में, आने वाले हफ्तों में 15 से अधिक बेली ब्रिज बनाए जाएंगे, जिससे सभी प्रभावित इलाकों में कनेक्टिविटी पूरी तरह से बहाल हो जाएगी।

भारतीय उच्चायोग ने सोमवार को एक बयान में कहा भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा और परिवहन, राजमार्ग एवं शहरी विकास मंत्री बिमल रत्नायके ने संयुक्त रूप से 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर के भारतीय अनुदान के तहत श्रीलंका की उत्तरी रेलवे लाइन के मरम्मत कार्यों का शुभारंभ किया। सहायता की घोषणा के तीन सप्ताह से भी कम समय में मरम्मत कार्यों की शुरुआत श्रीलंका के विकासात्मक सहयोग के प्रति भारत की प्राथमिकता को दर्शाती है। बता दें कि हाल ही में भयंकर चक्रवात की चपेट में आए श्रीलंका की मदद के लिए सबसे पहला हाथ भारत ने ही आगे बढ़ाया था। भारतीय सेना और एनडीआरएफ के जवानों द्वारा ऑपरेशन सागर बंधु के तहत श्रीलंकाई नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के अलावा भारत की ओर से कई चरणों में खाद्य, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक सामग्री भी भेजी गई है। ये कदम आर्थिक तंगहाली और मुसीबत में फंसे पड़ोसी की मदद करने को लेकर भारत की लगातार मजबूत होती ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति को दर्शाते हैं।

Spread the love

homeslider Religion

खुद का भविष्य जानने के दस तरीके

Astrology : हर व्यक्ति खुद का या दूसरों का भविष्य जानने को बहुत उत्सुक रहता है तभी तो देश में लाखों ज्योतिषी और बाबा लोग मौजूद हैं लेकिन क्या सचमुच ही ये लोग आपका भविष्य बताने में सक्षम हैं? हम आपको बताना चाहते हैं कि ऐसे कौन से तरीके हैं जिससे आप अपना भविष्य जान […]

Spread the love
Read More
Arunachal Pradesh
International

अरुणाचल के चांगलांग में उग्रवादी हमला, एक जवान शहीद और चार घायल

Arunachal Pradesh: भारत-म्यांमार सीमा से लगे अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में मंगलवार सुबह सुरक्षा बलों की गश्ती टीम पर संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला कर दिया। अचानक हुई गोलीबारी में असम राइफल्स के एक जवान की मौत हो गई, जबकि चार अन्य जवान घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा […]

Spread the love
Read More
International

वैश्विक होड़ के बीच आपसी निर्भरता एक बड़ी सच्चाई- जयशंकर

शाश्वत तिवारी New York: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्च स्तरीय सप्ताह के समापन पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में प्रतिष्ठित एशिया सोसाइटी के मंच पर वैश्विक भू-राजनीति को लेकर भारत का दृष्टिकोण साझा किया। विदेश मंत्री ने वर्तमान दुनिया की गंभीर और चुनौतीपूर्ण स्थिति का खाका खींचते हुए विभिन्न वैश्विक संघर्षों […]

Spread the love
Read More