चण्डीगढ़ । हरियाणा के गुरुग्राम में भावनात्मक ठगी का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने पुरुष मित्र का विश्वास जीतकर उससे अपनी बहन के कैंसर इलाज के बहाने करीब 2.18 करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ित ने बार-बार रकम दी, लेकिन जब इलाज के कोई प्रमाण नहीं मिले, तो उसका शक गहरा गया और पुलिस में शिकायत की। मामला मई 2024 से अप्रैल 2025 तक चला। आरोपी महिला यांगजी शेरपा उर्फ यामा ने पीड़ित को भावुक बातों से फंसाया और लगातार पैसे मंगवाए। जांच में पता चला कि ट्रांसफर हुई राशि उसके बैंक खाते में आई, लेकिन पैसे मांगने वाले कॉल्स एक मोबाइल नंबर से आते थे, जो उसके सहयोगी के नाम पर दर्ज था।
गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने तेज कार्रवाई करते हुए महिला के सहयोगी 30 वर्षीय अजहर अहमद को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अजहर ने कबूल किया कि उसने महिला के खाते से पैसे अपने अकाउंट में ट्रांसफर किए। उसे ट्रांजिट रिमांड पर गुरुग्राम लाया गया है। मुख्य आरोपी यांगजी शेरपा अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है। यह घटना भावनात्मक विश्वास के दुरुपयोग का जीता-जागता उदाहरण है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी ठगी में लोग जल्दबाजी में बड़े फैसले ले लेते हैं। पुलिस ने सलाह दी है कि बड़ी रकम ट्रांसफर करने से पहले दस्तावेजों की पुष्टि जरूर करें। इस मामले से सबक लेते हुए सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि ठग अक्सर करीबी रिश्तों का फायदा उठाते हैं। जांच जारी है और जल्द ही पूरी रकम की रिकवरी की उम्मीद है।
