- राज्यमंत्री व विधायकों ने सीएम योगी को लिखा पत्र
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही भर्ती को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। 32,679 पदों पर होने वाली सिपाही भर्ती के लिए जारी विज्ञापन के बाद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी आयु सीमा में तीन साल की छूट की मांग कर रहे हैं। अब इस मांग को लेकर न सिर्फ अभ्यर्थी बल्कि सत्ता पक्ष के नेता भी खुलकर सामने आ गए हैं। राज्य मंत्री समेत एनडीए के विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में राहत देने की मांग की है।
इस संबंध में प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार, निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी और भाजपा के हैदरगढ़ से विधायक दिनेश रावत ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। इन नेताओं का कहना है कि पूर्व में भर्ती प्रक्रिया में देरी और अनियमितताओं के कारण कई योग्य अभ्यर्थी उम्र सीमा पार कर चुके हैं, ऐसे में उन्हें राहत देना न्यायसंगत होगा।
जनता दरबार में हुए वादे का हवाला
निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में 18 नवंबर 2025 का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि गोरखपुर के जनता दरबार में मुख्यमंत्री द्वारा अभ्यर्थियों को तीन साल की आयु छूट देने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, जब सिपाही भर्ती की विज्ञप्ति जारी हुई, तो उसमें सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को कोई अतिरिक्त छूट नहीं दी गई, जिससे युवाओं में नाराजगी है।
विधायक का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में हुई देरी के कारण कई उम्मीदवार ओवरएज हो गए हैं और अब उनके सामने भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने लिखा पत्र:

सत्ता पक्ष के भीतर से उठी आवाज
राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार और भाजपा विधायक दिनेश रावत ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यही मांग दोहराई है। उनका कहना है कि सरकार की नीतियों और प्रशासनिक कारणों से यदि भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई है, तो उसका खामियाजा युवाओं को नहीं भुगतना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को भी तीन वर्ष की आयु सीमा में छूट दी जाए, ताकि वे भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार ने लिखा पत्र:

भाजपा विधायक दिनेश रावत ने लिखा पत्र:

विपक्ष का भी समर्थन
इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर अभ्यर्थियों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की खामियों के कारण पुलिस भर्ती में अनियमितता हुई और इसी वजह से कई अभ्यर्थी ओवरएज हो गए। ऐसे में सरकार को नए साल के अवसर पर युवाओं को आयु सीमा में छूट देकर राहत देनी चाहिए।
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि बेरोजगार युवा सरकार की लचर भर्ती प्रक्रिया की कीमत क्यों चुकाएं। युवाओं का भविष्य ही देश का भविष्य है और उन्हें सम्मानजनक अवसर मिलना चाहिए।
क्या है मौजूदा आयु सीमा
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती की विज्ञप्ति के अनुसार सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 18 से 22 वर्ष निर्धारित की गई है। अब अभ्यर्थी और जनप्रतिनिधि इस सीमा में तीन साल की अतिरिक्त छूट देने की मांग कर रहे हैं। सभी की नजरें अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसले पर टिकी हैं।
