पारा: हमारी मौत के बाद डॉगी को मत भगाना…पालतू कुत्ते के लिए जान देने वाली दो सगी बहनों ने मां से कहीं थीं ये शब्द

Untitled 25 copy 6

ए अहमद सौदागर

लखनऊ। पारा थाना क्षेत्र के दौदाखेड़ा कॉलोनी में अवसाद ग्रस्त बहनों राधा सिंह (25) और जिया उर्फ शानू सिंह (22) ने बुधवार को फिनाइल पी लिया। दोनों की अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, मानसिक रूप से बीमार बहनें पालतू कुत्ते की बीमारी के कारण तनाव में थीं। इसी कारण दोनों ने जान दे दी। इंस्पेक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घर में पले जर्मन शेफर्ड नस्ल के कुत्ते टोनी की तबीयत करीब 15 दिन से खराब थी। लगातार इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार न होने से दोनों बहनें परेशान थीं। बुधवार दोपहर दोनों फिनाइल पी लिया और कुछ देर बाद मां गुलाबा देवी को इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बड़े बेटे वीर सिंह को फोन कर सूचना दी और आसपास के लोगों की मदद से दोनों को रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल पहुंचाया। राधा ने कुछ देर बाद दम तोड़ दिया। जिया को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार दोपहर उसकी भी मौत हो गई। पड़ोसियों का कहना है कि दोनों बहनें शांत और सुलझे स्वभाव की थीं। मोहल्ले के ज्ञान सिंह, लाल चंद्र और लखन लाल ने बताया दोनों का टोनी से लगाव था। वह खाना नहीं खाता था तो दोनों बहनें भी खाना छोड़ देती थीं। कुत्ते के बीमार होने के बाद से दोनों ज्यादा गुमसुम रहने लगीं। वीर सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह मां ने 11 बजे दोनों बेटियों को दुकान से सामान लेने भेजा था। लौटने के कुछ ही देर बाद दोनों कराहने लगीं और मां को बताया कि उन्होंने फिनाइल पी लिया है।

हमारे मरने के बाद डॉगी को मत भगाना,

दोनों बहनों ने रोते हुए मां से कहा कि हमारे मरने के बाद डॉगी को घर से मत भगाना, उसकी दवा कराते रहना। बृहस्पतिवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद बहनों के शव घर पहुंचे। दोनों की अर्थी एक साथ उठी तो मोहल्ले वालों की भी आंखें नम हो उठीं। गुलाबा देवी बार-बार बेटियों के शव से लिपटकर बेसुध हो जा रही थीं। रुई की धुनाई का काम करने वाले गुलाबा देवी के पति कैलाश सिंह छह महीने से गंभीर बीमारी के चलते बिस्तर पर हैं। कोरोना काल में परिवार एक जवान बेटे को पहले ही खो चुका है।

जन्मदिन के दिन निकली अर्थी

वीर ने बताया कि 25 दिसंबर को जन्मदिन के दिन जिया की अर्थी निकली। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 से दोनों बहनों का मानसिक बीमारी का इलाज चल रहा था, लेकिन खास फायदा नहीं हुआ। परिजन उन्हें बालाजी मंदिर, खाटू श्याम मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों लेकर गए। इसके बाद वर्ष 2017 तक सब ठीक था। कुछ समय पहले किसी बात से नाराज होकर दोनों ने घर में स्थित किराने की दुकान में आग लगा दी थी। इसमें उनकी मां का एक पैर झुलस गया था। इसके बाद दोनों का दोबारा इलाज शुरू कराया गया। बहनें मां के साथ रोजाना मॉर्निंग वॉक पर जाती थीं। इसी दौरान एक ट्रॉली चालक से मुलाकात हुई। करीब तीन वर्ष पहले दोनों उससे जर्मन शेफर्ड को घर लेकर आई थीं।

Spread the love

Dialogue between students and officials
Education Uttar Pradesh

IAS-IPS-IFS अफसर छात्रों को देंगे करियर गाइडेंस

Dialogue between students and officials : उत्तर प्रदेश में इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन देने के उद्देश्य से योगी सरकार ने नई पहल शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश में तैनात युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी हर महीने कम से कम एक […]

Spread the love
Read More
Crime News homeslider

एक पिता की दुर्दांत कहानी सुनकर दहल गई दिल्ली

पैर छुए, फिर किया वार, पिता ने किया प्रैग्नेंट बेटी का कत्ल DelhiCrime news : राजधानी दिल्ली से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दक्षिणी दिल्ली में रहने वाली 18 वर्षीय गर्भवती युवती की उसके पिता ने कथित तौर पर हत्या कर दी और शव को आगरा के पास चंबल नदी में […]

Spread the love
Read More
Emraan Hashmi
Entertainment Uttar Pradesh

इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ के गानों पर सईद कादरी का बड़ा खुलासा

‘आवारापन 2’ में पुराने गानों का जादू Aawarapan 2: इमरान हाशमी की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘आवारापन 2’ रिलीज से पहले ही चर्चा में है। साल 2007 में आई ‘आवारापन’ अपनी कहानी के साथ-साथ दमदार म्यूजिक के लिए भी याद की जाती है। फिल्म के गाने ‘तो फिर आओ’ और ‘तेरा मेरा रिश्ता’ आज भी संगीत […]

Spread the love
Read More