- छह जिंदा जले, सौ से अधिक घायल, चारों ओर मचा हाहाकार
- पुलिस-प्रशासन, दमकल कर्मी और एसडीआरएफ टीम बचाव कार्य में जुटी
- मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, बेहतर इलाज करने के लिए दिए सख्त निर्देश
- मथुरा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। सूबे में ठंड का मौसम बदलते ही घना कोहरा लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। बाराबंकी, बलराम व किसान पथ पर सड़क हादसे में हुई मौत का मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि अब मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार सुबह तड़के तेज रफ्तार से आ रही बसों कारों में जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि वाहनों में आग लग गई और गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। इस हादसे में छह लोग ज़िंदा जल गए। जबकि सौ से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन दमकल कर्मियों व एसडीआरएफ टीम के साथ मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां कुछ लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
कई वाहनों की एक-दूसरे में हुई टक्कर के बाद सवारियों में चीख-पुकार मच गई। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और वाहनों में फंसे लोगों को बचाने में जुट गए। बताया जा रहा है कि सभी गाड़ियों की एक-दूसरे में टक्कर लगते ही आग लग गई और धू-धूकर जलने लगी। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस-प्रशासन, दमकल कर्मी और एसडीआरएफ टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। खबर मिलते ही जिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश सिंह सिंह अन्य आलाधिकारी मौके पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। जांच-पड़ताल में सामने आया है कि हादसे की वजह घना कोहरे की वजह माना जा रहा है। एसएसपी श्लोक कुमार के मुताबिक घने कोहरे के चलते सभी गाडियां एक-दूसरे में जा टकराईं। बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी तेज थी कि कारों के परखच्चे उड़ गए जबकि सवारी से भरी बसों में आग लग गई।
हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान
मथुरा एक्सप्रेस-वे पर माइल स्टोन 127 के पास मंगलवार सुबह तड़के हुए सड़क हादसे की खबर मिलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संज्ञान में लेते हुए घायलों को बेहतर इलाज करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक मदद एवं घायलों को पचास-पचास हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की है।
चीखती रहे मासूम सहित यात्री, जलती रहीं उम्मीदें
मथुरा एक्सप्रेस-वे की वो काली सुबह कई परिवारों के खतरनाक साबित हुई। सुबह की किरण ठीक से निकल भी नहीं पाई थी कि जब चीख-पुकार हाहाकार ने यमुना एक्सप्रेस-वे की खामोशी को चीर दिया। बताया जा रहा है कि बसों में लगी आग पल भर में ही कईयों जिन्दगियां लील ली।
दस-पंद्रह दिनों में कईयों हुए सड़क हादसे, खामोश हो गई कई परिवारों की खुशियां
हाल ही में बाराबंकी के किसान पथ, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, शहीद पथ, आगरा एक्सप्रेस वे के अलावा अन्य हाईवे पर गाड़ियों की टक्कर में कई लोग मौत के मुंह में समा गए और व्यवस्था जस की तस ही देखने को मिली।
