देहरादून। जिला प्रशासन ने नशे के बढ़ते खतरे को रोकने के लिए शनिवार को यूपीईएस में छात्रों की बड़े स्तर पर ड्रग टेस्टिंग कर अभियान का आगाज किया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी शैक्षणिक संस्थानों में रोस्टरवार नियमित टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी संस्थान में छात्र ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है तो संबंधित डीन और संस्थान स्वामी के खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान का उद्देश्य किशोरों और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना है। इसी कड़ी में सभी स्कूल-कॉलेजों में एंटी ड्रग्स कमेटी में अनिवार्य रूप से एक छात्र और एक छात्रा को शामिल कर कमेटी को सक्रिय किया जाएगा। साथ ही विद्यालयों के आसपास संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, सीसीटीवी स्थापना और नशीले पदार्थों की सूचना के लिए मानस हेल्पलाइन-1933 और डीडीएसी हेल्पलाइन-9625777399 के व्यापक प्रचार के निर्देश दिए गए।
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डीएम ने रात्रिकालीन ट्रैफिक चेकिंग में भी ड्रग टेस्टिंग जोड़ने का आदेश दिया है। बढ़ते मामलों को देखते हुए देहरादून में राज्य का पहला किशोरों के लिए विशेष नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रायवाला में 30 बेड वाले नशामुक्ति व मानसिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन भी किया जा रहा है, जबकि एम्स में 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी के लिए रिजर्व हैं। जिलाधिकारी ने दवा फैक्ट्रियों व मेडिकल स्टोरों की सघन जांच और 10 दिनों के भीतर सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश भी जारी किए हैं। CCTV न लगाने पर संबंधित स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
