मुख्यमंत्री धामी ने महिला वैज्ञानिकों को प्रदान किए यंग वूमेन साइंटिस्ट अवार्ड

Untitled 1 copy 38

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में आज ग्राफिक एरा सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में आयोजित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन एवं 20वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन-2025 कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री धामी ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली प्रतिभाशाली महिला वैज्ञानिकों को सम्मानित किया। उन्होंने राज्यभर के विभिन्न शोध एवं शैक्षणिक संस्थानों से चयनित वैज्ञानिकों को “Young Women Scientist Achievement Award–2025” तथा “UCOST Young Women Scientist Excellence Award” प्रदान किए। CM ने NDMA के सदस्य डॉ. दिनेश कुमार असवाल की पुस्तकों का भी विमोचन किया।

CM ने कहा कि विज्ञान, अनुसंधान और तकनीक आधारित नवाचार आपदा प्रबंधन को सशक्त और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की युवा महिला वैज्ञानिकों का शोध कार्य न केवल राज्य बल्कि देश और विश्व के लिए प्रेरणादायक है। बताया गया है कि धामी ने कहा कि इस तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न हिमालयी राज्यों के प्रतिनिधि तथा देश-विदेश से आए वैज्ञानिक और शोधकर्ता हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही, तकनीकी नवाचार, अनुसंधान सहयोग तथा वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में ठोस रणनीतियाँ बनाई जाएँगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सम्मेलन से प्राप्त सुझाव और समाधान न केवल उत्तराखंड, बल्कि पूरे विश्व के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय केवल पर्वत श्रृंखला नहीं, बल्कि पूरे भारतीय उपमहाद्वीप का जीवन स्रोत है। यहां की नदियां, ग्लेशियर और जैव विविधता पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जलवायु परिवर्तन, अनियंत्रित विकास और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से हिमालय का संतुलन प्रभावित हो रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बदलते मौसम पैटर्न, बढ़ती वर्षा की तीव्रता, अप्रत्याशित क्लाउडबर्स्ट और भूस्खलन की घटनाओं ने नई चिंता उत्पन्न की है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं और क्षेत्र विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक है। इसी दिशा में यह विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन एक सेतु का कार्य करेगा।

Spread the love

homeslider Religion

खुद का भविष्य जानने के दस तरीके

Astrology : हर व्यक्ति खुद का या दूसरों का भविष्य जानने को बहुत उत्सुक रहता है तभी तो देश में लाखों ज्योतिषी और बाबा लोग मौजूद हैं लेकिन क्या सचमुच ही ये लोग आपका भविष्य बताने में सक्षम हैं? हम आपको बताना चाहते हैं कि ऐसे कौन से तरीके हैं जिससे आप अपना भविष्य जान […]

Spread the love
Read More
New Delhi
homeslider Religion

क्या दामाद कर सकता है सास-ससुर का श्राद्ध, जानिए धार्मिक मान्यताएं

New Delhi: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवधि में लोग अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म करते हैं। आमतौर पर परिवार में इन कर्मकांडों की जिम्मेदारी पुत्र को दी जाती है। लेकिन अगर किसी परिवार में पुत्र मौजूद […]

Spread the love
Read More
New Delhi
homeslider National Politics

महिलाओं को घर में कैद करना नहीं, अपराधियों पर कार्रवाई है जरूरी: राहुल गांधी

New Delhi:  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि उन्हें घर में बंद कर रखना समाधान नहीं है बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाने और महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को सजा देने की जरूरत है। गांधी ने मंगलवार को सोशल […]

Spread the love
Read More